प्रधानमंत्री से मिलकर योगी ने की सरकार, संगठन व सहयोगियों की भूमिका पर चर्चा

New Delhi. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (Uttar Pradesh Chief Minister Yogi Adityanath met Prime Minister Narendra Modi) से मुलाकात कर सूबे की सियासी हालात पर चर्चा की। प्रदेश में अगले वर्ष होने वाले विधानसभा चुनाव के मद्देनजर इस मुलाकात को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
योगी आदित्यनाथ अपने दिल्ली दौरे के दूसरे दिन शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मिलने उनके 7 लोक कल्याण मार्ग स्थित आवास पहुंचे। दोनों नेताओं के बीच करीब डेढ़ घंटे तक चली इस बैठक में सरकार, संगठन, सहयोगी दल और हालिया संपन्न पंचायत चुनाव के बाद बदले हालात पर चर्चा की गई।
प्रधानमंत्री से मुलाकात के बाद मुख्यमंत्री ने ट्वीट कर कहा है,” प्रधानमंत्री से मुलाकात में मार्गदर्शन का सौभाग्य प्राप्त हुआ है। प्रधानमंत्री का आभार।”
खबर है कि प्रधानमंत्री के साथ हुई योगी की मुलाकात में कोरोना महामारी के दौरान राज्य सरकार द्वारा उठाये गये कदम के साथ-साथ कोरोना की सम्भावित तीसरी लहर की रोकथाम के लिए की गई तैयारियों पर भी चर्चा की गई। इसके साथ ही संगठन और सरकार में तालमेल, सहयोगी दल (अपना दल, निषाद पार्टी) के साथ बेहतर सामंजस्य बनाने पर जोर दिया गया।


इस बात की चर्चा है कि इस मुलाकात में योगी को राज्य में हो रहे जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव में बेहतर प्रदर्शन के लिए सहयोगी दलों को भी तवज्जो दिये जाने पर जोर दिया गया है। प्रधानमंत्री ने योगी को सलाह दी कि सूबे में जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव में अपना दल और निषाद पार्टी के उम्मीदवारों की भागीदारी और उनकी जीत सुनिश्चित करने की दिशा में प्रयास किये जाएं। योगी ने जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव में 60 प्लस सीटों पर जीत का लक्ष्य रखा है।
एक दिन पहले गुरुवार को केंद्रीय गृह मंत्री और योगी के बीच हुई बैठक के बाद अपना दल की राष्ट्रीय अध्यक्ष अनुप्रिया पटेल और निषाद पार्टी के अध्यक्ष डॉ संजय निषाद ने अपने पुत्र व संत कबीरनगर से सांसद प्रवीण निषाद के साथ अमित शाह से मुलाकात की थी।

बताया जा रहा कि इन नेताओं ने राज्य सरकार पर सहयोगी दलों की अनदेखी की बात कही थी। शाह ने पटेल और निषाद को आश्वस्त किया कि जल्द ही सब ठीक हो जाएगा। उन्होंने दोनों दलों को आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर तैयारियों में जुट जाने की सलाह दी है। दोनों दल उत्तर प्रदेश और केंद्र में भाजपा के सहयोगी हैं।
दरअसल, राज्य में पिछले दिनों संपन्न पंचायत चुनाव में भाजपा को खासा नुकसान उठाना पड़ा है। कोरोना की दूसरी लहर के दौरान हुए इन चुनावों में भाजपा का मत प्रतिशत कम हुआ है। इन नतीजों ने भाजपा केंद्रीय नेतृत्व की परेशानी पर बल ला दिया है। यही कारण है कि वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव के मद्देनजर सहयोगी दलों का भरोसा बरकरार रखने के साथ ही भाजपा केंद्रीय नेतृत्व हरकत में आ गया है।

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केंद्रीय नेतृत्व को इस बात की चिंता है कि उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में पार्टी का प्रदर्शन बेहतर नहीं रह तो वर्ष 2024 के आम चुनाव में भाजपा के लिये ‘दिल्ली दूर’ हो सकती है। क्योंकि, केंद्र की सत्ता का मुस्तकबिल तय करने में उत्तर प्रदेश की महती भूमिका होती है।
प्रधानमंत्री और योगी के बीच हुई डेढ़ घंटे की बैठक में मंत्रिमंडल विस्तार के मुद्दे पर भी चर्चा हुई। यह बताया जा रहा है कि प्रधानमंत्री ने योगी को आगामी विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए नए चेहरों को मंत्रिमंडल में शामिल करने की सलाह दी है। चर्चा है कि हाल ही में कांग्रेस छोड़ भाजपा में शामिल हुए जितिन प्रसाद को भी सूबे में महत्वपूर्ण भूमिका दी जाएगी।
प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात के बाद मुख्यमंत्री योगी भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा से मिलने उनके आवास को रवाना हो गये।