साप्ताहिक शेयर समीक्षा- नई ऊंचाई पर शेयर बाजार, निफ्टी ने बनाया ऑल टाइम हाई का रिकॉर्ड

New Delhi. भारतीय शेयर बाजार (stock market) में कारोबार के लिहाज से शुक्रवार को समाप्त हुआ सप्ताह तेजी वाला साबित हुआ। शेयर बाजार ने आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को गिरावट आने के बावजूद लगातार तीसरे सप्ताह ओवरऑल साप्ताहिक तेजी के साथ अपने कारोबार का अंत किया। 4 जून को खत्म हुए कारोबारी सप्ताह के दौरान शेयर बाजार ने 1 फीसदी से ज्यादा की बढ़ोतरी दर्ज की। इसी दौरान नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) के निफ्टी ने ऑल टाइम हाई का नया रिकॉर्ड बनाया। 
शेयर बाजार की इस तेजी के पीछे एक बड़ी वजह कोरोना संक्रमण की रफ्तार में कमी आने के कारण बने उत्साह के माहौल को भी माना जा रहा है। कोरोना के घटते मामले और वैक्सीनेशन कार्यक्रम के कारण औद्योगिक और कारोबारी गतिविधियों में फिर से रफ्तार आने की उम्मीद बन गई है। इसकी वजह से शेयर बाजार में भी पॉजिटिव सेंटीमेंट्स बना हुआ (Due to this, positive sentiments remain in the stock market as well.) है। 
पिछले कारोबारी सप्ताह के दौरान बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का सेंसेक्स 677.71 अंक की कुल तेजी के साथ 52,100.05 अंक के स्तर पर बंद हुआ। वहीं एनएसई का निफ्टी कुल 234.65 अंक की तेजी के साथ 1.52 फीसदी उछल कर 15,670.25 अंक के स्तर पर बंद हुआ। इसी हफ्ते शुक्रवार के कारोबार के दौरान निफ्टी ने 15,733.60 अंक तक पहुंच कर ऑल टाइम हाई का नया रिकॉर्ड बनाया। 
शुक्रवार को खत्म हुए कारोबारी सप्ताह के दौरान बीएसई स्मॉल कैप इंडेक्स ने जबरदस्त परफॉर्म किया। कारोबार के दौरान इसमें ओवरऑल 12 फीसदी की मजबूती आई। बीएसई स्मॉल कैप इंडेक्स को रिलायंस कम्युनिकेशन, गुजरात फ्लोरोकेमिकल्स, स्पंदना स्फूर्ती फाइनेंशियल सर्विसेज, रेलीगेयर इंटरप्राइजेज, मैग्मा फिनकॉर्प, किरी इंडस्ट्रीज पीएनबी हाउसिंग फाइनेंस और पीएनबी गिल्ट्स ने 26 फीसदी से भी अधिक की उछाल हासिल करके मजबूती दी। वहीं जीनस पावर इंफ्रास्ट्रक्चर, एडवांस्ड एंजाइम टेक्नोलॉजी, महानगर टेलीफोन निगम और यूनिकेम लेबोरेट्रीज जैसी कंपनियों के शेयर ने कारोबार के दौरान जोरदार गिरावट दिखाकर बीएसई स्मॉल कैप इंडेक्स को नीचे खींचने का भी काम किया। 

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इस कारोबारी सप्ताह में बीएसई मिडकैप इंडेक्स ने 10 फीसदी की तेजी दिखाई। मिडकैप इंडेक्स के शेयरों में से अडाणी इंटरप्राइजेज, एलआईसी हाउसिंग फाइनेंस, जेएसडब्ल्यू स्टील, अडाणी पावर, फ्यूचर रिटेल और मुथूट फाइनेंस जैसी कंपनियों के शेयर में 15 से लेकर 30 फीसदी तक की उछाल रही। इसी तरह बीएसई लार्ज कैप इंडेक्स में भी ओवरऑल 6 फीसदी की तेजी बनी रही। बीएसई लार्ज कैप इंडेक्स को सपोर्ट करने वाले शेयरों में तेल एवं प्राकृतिक गैस निगम (ओएनजीसी) अडाणी पोर्ट्स, राष्ट्रीय खनिज विकास निगम (एनएमडीसी), पीरामल इंटरप्राइजेज और मदर्सन सुमी सिस्टम शामिल रहे। दूसरी ओर महिंद्रा एंड महिंद्रा, आईसीआईसीआई लोम्बार्ड जनरल इंश्योरेंस कंपनी और अरबिंदो फार्मा में मंदी का रुख बना रहा। 
अगर कंपनियों के मार्केट वैल्यूएशन की बात करें, तो पिछले कारोबारी सप्ताह के दौरान बीएसई सेंसेक्स के शेयरों में शामिल कंपनियों में से रिलायंस इंडस्ट्रीज की मार्केट वैल्यू में सबसे अधिक बढ़ोतरी हुई। इसी तरह बजाज फाइनेंस, एचडीएफसी और तेल एवं प्राकृतिक गैस निगम (ओएनजीसी) के मार्केट वैल्यू में जबरदस्त इजाफा हुआ। वहीं दूसरी ओर दिग्गज कंपनियों के बीच इंफोसिस के मार्केट वैल्यू में भारी गिरावट आई। 


इस सप्ताह हुए कारोबार के बाद बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज में सूचीबद्ध कंपनियों का कुल मार्केट कैप 227 लाख करोड़ रुपये का हो गया है। इन कंपनियों का कुल मार्केट कैप देश की जीडीपी से लगभग 31 लाख करोड़ रुपये ज्यादा है। 2020-21 के अंत में देश की जीडीपी 195.86 लाख करोड़ रुपये की थी, जबकि बीएसई में लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 227 लाखों रुपये का हो चुका है। 
धानी सिक्योरिटीज के वाइस प्रेसिडेंट सुरजीत धानी के मुताबिक शेयर बाजार में लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप देश के जीडीपी से अधिक होने से इस बात का संकेत मिलता है कि आने वाले दिनों में देश के इकोनॉमिक ग्रोथ में अच्छी तेजी आने की संभावना है। आमतौर पर विकसित देशों के शेयर बाजार में कंपनियों का मार्केट कैप वहां की जीडीपी से अधिक होता है। भारत में भी अब ये स्थिति बन गई है। इसका मतलब ये है कि भारतीय बाजार पर घरेलू निवेशकों के साथ ही विदेशी निवेशकों का भी भरोसा बढ़ा है। 
हालांकि जानकारों का ये भी कहना है कि शेयर बाजार अभी जिस ऊंचाई पर पहुंच गया है, वहां पर मुनाफावसूली का एक दौर शुरू हो सकता है। ऐसी स्थिति में आने वाले दिनों में शेयर बाजार में हल्की गिरावट का रुख भी बन सकता है। क्योंकि कम मूल्य में शेयर खरीदने वाले निवेशक अभी ऊंचे दाम पर इनकी बिक्री कर मुनाफा अर्जित करने की कोशिश करेंगे लेकिन अभी तक के संकेत से यही उम्मीद बन रही है कि आने वाले दिनों में भी पॉजीटिव सेंटीमेंट्स के बल लिवाली का जोर बना रहेगा। इससे शेयर बाजार में लगातार तेजी बनी रह सकती है।