संभलकर चलिएगा, कंजिया नहीं अस्पताल पहुंचाती है यह सडक़!

शिकायत पर कागजों में करवाया जा रहा लिंक मार्ग का निर्माण
जिला प्रशासन और विभाग की मनमानी का शिकार हो रहे लोग

कृष्ण कुमार द्विवेदी
Bhadohi.
सूबे की सडक़ों को गड्ढामुक्त (Pit Free Road) बनाने का दावा करने वाली योगी सरकार (Yogi Sarkar) के दावे और जमीनी हकीकत में काफी अंतर है। जनपद की कई ऐसी सडक़ें हैं, जिनपर उभरे गड्ढों को देखकर यह समझ में नहीं आता कि सडक़ कहां पर है और गड्ढे कहां पर। इसी तरह की एक सडक़ है विकास खंड सुरियावां के जमुनीपुर अठगवां गांव में।

ग्राम पंचायत जमुनीपुर अठगवां के मजरा कंजिया को जोडऩे वाली सडक़ बीजापुर, मोढड़ीह (पानी की टंकी) तक जाती है। इस लिंक मार्ग के जरिए तीन गांवों के लोगों का आवागमन होता है, जिनकी आबादी तकरीबन पांच हजार से ज्यादा है।

मौजूदा समय में उक्त लिंक मार्ग (Link Route) पर बड़ी-बड़ी गिट्टियां बिखरी पड़ी हैं। लगभग दो किलोमीटर लंबी सडक़ की यह स्थिति पिछले कई सालों से है, जिस पर गिरते-पड़ते हुए लोग आवागमन करने को मजबूर हैं। जर्जर, गड्ढायुक्त मार्ग पर आवागमन को मजबूर लोगों ने कई बार विभागीय उच्चाधिकारियों के साथ ही स्थानीय जनप्रतिनिधियों से निदान की मांग उठाई, पर समस्या जस की तस बनी हुई है।

कागजों पर सालों से बनवाई जा रही सडक़
इस संबंध में भारतीय कम्यूनिस्ट पार्टी के जिला सचिव जगन्नाथ मौर्य ने कहा कि मार्ग की बदहाली के संबंध में जिलाधिकारी के समक्ष कई बार पत्र दिया गया है। हर बार मामले की निस्तारण की सूचना भी मिलती है, लेकिन सडक़ की बदहाली जस की तस बनी हुई है।
विभागीय अधिकारी केवल कागज पर ही मामले का निस्तारण करते चले आ रहे हैं। स्थिति यह है कि जर्जर सडक़ पर वाहन तो दूर पैदल चलना भी दुर्घटना को दावत देने वाली हो गई है। मांग किया कि आम जनता की समस्या को देखते हुए मार्ग की दुर्दशा पर तत्काल कदम उठाया जाए।