बांध, झरनों व झीलों पर घूमना-फिरना पड़ेगा महंगा

ठाणे जिलाधिकारी ने लगाई पाबंदी

ठाणे. पर्यटक बरसात के मौसम में तलाब, बांध और झरनों को देखने जाते है। देखने आनेवालों की संख्या अधिक होती है ऐसे में सामाजिक दूरी का पालन करना मुश्किल होगा इसलिए ठाणे जिला कलेक्टर ने आम नागरिकों के इन जगहों पर जाने का मनाई आदेश दिया है। आदेश के तहत ठाणे जिले के झरनों , तलाबों और बांधों पर आम नागरिकों और पर्यटकों को एंट्री नहीं मिलेगी।
बता दें कि बरसात के मौसम में आम लोग अपने अपने परिवार के साथ झरनों, झीलों और बांधों को देखने जाते है। संचारबंदी में धीरे धीरे ढील दी जा रही हैं। इस ढील के कारण आम लोग झीलों और झरनों में जाएंगे तो भीड़ हो सकती है और कोरोना का संक्रमण बढ़ सकता है इसलिए ठाणे जिला कलेक्टर राजेश नार्वेकर ने जिले के सभी झीलों, झरनों और बांधों पर पर्यटकों की आवाजाही पर रोक लगा दिया है। वहीं जो कोई भी नागरिक उक्त आदेश का उल्लंघन करते पाया जाता है तो उसपर कानूनी रूप से कार्रवाई की जाएगी। ठाणे जिला कलेक्टर राजेश नार्वेकर ने कहा कि इन जगहों पर कोरोना संक्रमण बढ़ सकता है। कोरोना संक्रमण रुक सके और कोरोना की तीसरी लहर को पैदा ही ना हो इसलिए यह निर्णय लिया गया है।

इन जगहों पर है पाबंदी
ठाणे तालुका में येउर झरने, सभी झीलें, कलवा मुंब्रा रेती बंदर, मुंब्रा बाईपास के सभी झरने गायमुख रेती बंदर, घोड़बंदर रेती बंदर, उत्तन सागर किनारा। मुरबाड तालुका में सिद्धगढ़ डोंगरनावे, सोनाले गणपति लेनी, हरिश्चंद्रगढ़, बरविधरन क्षेत्र, पडले बांध, मालशेज घाट के सभी झरने, पालू, खोपवाली, गोरखगढ़, सिंगापुर नानेघाट, धसाई बांध, अंबातेव मुरबाद का समावेश हैं। शाहपुर तालुका में भातसा बांध स्थल, कुंदन दहीगांव, माहुली किला, चेरवाली, अशोक झरना, खरोद, आजा पर्वत (डोलखंब), सपगांव नदी तट, कलांवे नदी तट, कसारा के सभी झरने। कल्याण तालुका में कम्बा पावशेपाड़ा, खडवली नदी क्षेत्र, टिटवाला नदी क्षेत्र, गणेश घाट चौपाटी का समावेश है। भिवंडी तालुका में नदिनाका, गणेशपुरी नदी क्षेत्र स्थान हैं। अंबरनाथ तालुका में कोंडेश्वर, धमनवाड़ी, तरवाड़ी, भोज, वरहाड़े, दहीवाली, मालीचीवाड़ी स्थान हैं।