कोरोना से हो रही मौतों के आंकड़े छिपाने का सवाल ही नहीं उठता : महापौर

Mumbai. बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) की महापौर किशोरी पेडणेकर ने कोरोना संक्रमण से हो रही मौतों के आंकड़े छिपाने के विपक्ष के आरोपों पर कहा है कि मुंबई में शव बहाने के लिए कोई नदी नहीं है। इसलिए यहां कोरोना से होने वाली मौतों को छिपाया नहीं जा सकता है। मुंबई में हुई मौत के बाद शवों का तीन जगह डाटा इंट्री किया जाता है, इसलिए यहां मौतों के आंकड़े छिपाने का सवाल ही नहीं उठता है। 

पेडणेकर ने गुरुवार को पत्रकारों से कहा कि मुंबई में कोरोना की मौत छिपाने का आरोप विपक्ष लगा रहा है। जबकि मुंबई में हमने कोरोना से हुई मौतों को कभी भी कम करके नहीं दिखाया है। शहर में 40 फीसदी मौत अन्य कारणों से हुई थी, इन सभी के मृत्यु प्रमाण पत्र में मौत का अन्य कारण दिखाया गया है। मुंबई में किसी की मौत के बाद उसका रिकार्ड तीन जगह दर्ज किया जाता है, इसलिए कोरोना मौत क्या कोई भी मौत छिपाया नहीं जा सकता है। हम परिवारों का सम्मान करते हैं और हम विधिवत मृत्यु प्रमाण पत्र देते हैं। 

महापौर पेडणेकर ने इस तरह का आरोप लगाने वाले पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पर तंज कसते हुए कहा कि मुंबई में कोई नदी नहीं है, इसलिए यहां कोरोना मौत छिपाना असंभव है। पेडणेकर ने कहा कि मुंबई में अब तक कोरोना के 15,100 मरीजों की मौत हो चुकी है और 7 लाख 13 हजार कोरोना संक्रमित हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह का काम जहां होता है, उसकी तस्वीर देश के लोगों ने देखी है। हाल ही में कई नदियों में बहते शव और नदियों के किनारे रेत में छिपाए गए शव बरामद किए जा चुके हैं। 

उल्लेखनीय है कि पूर्व मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा था कि बीएमसी कोरोना से हुई मौत को छिपा रहा है। साथ ही मुंबई में कोरोना संक्रमितों का टेस्ट न करवाये जाने का भी आरोप लगाया था।