वालधुनी नदी स्वच्छ्ता अभियान में फॉरेस्ट नाका से आनेवाली पाइपलाइन बनी रोड़ा

आनंद शुक्ला
उल्हासनगर.
वालधुनी नदी स्वच्छ्ता अभियान में फॉरेस्ट नाका से आनेवाली पाइपलाइन अड़चन बन गई है। अंबरनाथ, बदलापुर एमआईडीसी की केमिकल कम्पनियों द्वारा भारी मात्रा में बिना ट्रीटमेंट किये दूषित केमिकल वालधुनी नदी (Waldhuni river) में छोड़ा जाना गम्भीर समस्या बन गई थी। 4 वर्ष पहले से ही महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण मण्डल (Maharashtra Pollution Control Board) द्वारा एमआईडीसी को इसकी व्यवस्था करने के लिये सूचनाएं दी गई थी।
जून 2018 में एमआईडीसी द्वारा टेंडर निकाला गया जिसमें कहा गया कि अम्बरनाथ के फॉरेस्ट नाका से लेकर कल्याण वसई की खाड़ी तक 17.5 किलोमीटर की पाइपलाइन द्वारा केमिकल का पानी अम्बरनाथ एमआईडीसी के एफ्लुएंट प्लांट द्वारा ट्रीटमेंट करके सीधे खाड़ी में छोड़ा जायेगा।
जिससे वालधुनी नदी में सीधे केमिकल छोड़ने से जो समस्या उत्पन्न होती थी वो समाप्त हो जायेगी।

एमआईडीसी द्वारा किए इस प्रयास की सराहना है,परंतु 17.5 किलोमीटर पाइपलाइन की इस परियोजना को पूरा करने के लिये अंबरनाथ फॉरेस्ट नाका के पास से अंबरनाथ उल्हासनगर कैम्प नम्बर 3 के पास से गुजरने वाली वालधुनी नदीपात्र में पाइप्स उतारे गये हैं, वहां खुदाई का भी काम शुरू हो चुका है, फ़ॉरेस्ट नाका से वडोल गांव पुल उल्हासनगर कैम्प 3 तक नाला है, वहां तक यह कार्य अंबरनाथ के क्षेत्र में आता है, परंतु उल्हासनगर वडोलगांव क्षेत्र से वालधुनी नदी की शुरुआत होती है, नदी पात्र में जगह जगह पाइप उतारे गये है, स्टील ग्रिपिंग और सीमेंट कंक्रीट करने का कार्य भी चल रहा है।

पिछले 3 साल से वडोलगांव इलाके में उमनपा द्वारा नदी स्वछता अभियान चलाया जाता है, हज़ारों डंपर हम लोगों ने मिट्टी निकाली है उस कारण 3 सालों से वडोलगांव क्षेत्र में बाढ़ जन्य स्थिति नहीं है, परंतु उक्त पाइपलाइन की वजह से पूरे नदी पात्र में रोड बनाये गये हैं और मिट्टी वैसे ही छोड़ी जा रही है। आगामी बरसात काल मे बाढ़ का पानी वडोलगांव ग्रामस्थो के घरों में आएगा उसका ज़िम्मेदार कौन होगा। नदी में उत्खनन करके मिट्टी छोड़ी जा रही है वह निकाली जाए, ताकि वह मिट्टी वालधुनी नदी स्वच्छ्ता अभियान में रोड़ा न बने। ऐसी मांग की जा रही है।