46 बीयूएमएस डॉक्टरों को अब नहीं हटाएगी ठाणे मनपा

विपक्ष के विरोध के बाद पलटा निर्णय

ठाणे. ठाणे महानगर पालिका Thane Municipal Corporation ने 46 बीयूएमएस डॉक्टरों को हटाए जाने का नोटिस वापस ले लिया है। कोरोना केस अधिक होने पर सेवा करने के लिए बीयूएमएस डॉक्टर्स जुड़े थे, लेकिन केस कम होने पर उन्हें हटाया जा रहा था। बताया गया है कि मनपा कोविड सेंटरों में कोरोना मरीजों का निस्वार्थ भाव से सेवा कर रहे उक्त चिकित्सकों को लेकर आवास मंत्री ने दिलचस्पी दिखाई, जिसके बाद मनपा आयुक्त ड़ॉ. विपिन शर्मा ने डॉक्टरों को भेजे गए नोटिस को वापस लेने का फैसला लिया।

गौरतलब है कि करोना की दूसरी लहर में ठाणे शहर भी बुरी तरह प्रभावित हुआ था। इस दौरान अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी हो गई थी। उस वक्त सभी डिग्रीधारी डॉक्टरों को मनपा ने काम पर बुलाया। ऐसी गंभीर स्थिति और भय के माहौल में आए डॉक्टरों ने जान जोखिम में डालकर अपनी ड्यूटी को पूरा किया। इस बीच बीते कुछ दिनों से कोरोना संक्रमण के मामलों में तेजी से कमी आई है, जिसे देखते हुए ठाणे मनपा ने 26 मई को ग्लोबल और दूसरे कोविड केयर सेंटरों में कार्यरत 46 बीयूएमएस डॉक्टरों को हटाने के लिए नोटिस भेज दिया गया।

मनपा की नोटिस से परेशना इन डाक्टरों ने मनपा में विरोधी पक्ष नेता अशरफ पठान (शानू ) से गुहार लगाई। इस पर शानू पठान ने इसकी जानकारी गृहनिर्माण मंत्री जितेंद्र अव्हाड को दी। मंत्री अव्हाड ने इस बारे में मनपा आयुक्त विपिन शर्मा से बात की। दूसरी तरफ शानू पठान ने आक्रामक होकर मनपा से सवाल किया की एक तरफ मुख्यमंत्री कह रहे है कि कोरोना की तीसरी लहर आने वाली है। उसके लिए हमें सजग रहना होगा। वहीं दूसरी तरफ मनपा डाक्टरों को काम से क्यों निकाल रही है।

विरोधी पक्षनेता शानू पठान ने बताया के यह वे डाक्टर हैं जो अपनी जान जोखिम में डालकर दिन-रात कोरोना से संक्रमित मरीजों की जान बचाने में लगे रहे। आज जब मतलब निकल गया है तो, उन्हें दूध में पड़ी मक्खी की तरह निकालने का काम मनपा कर रही है, जो बेहद शर्मनाक है। शानू पठान ने कहा के अगर  कोविड सेंटर में काम कम हो चुका है तो, मनपा इन डॉक्टरों को अपने आरोग्य केंद्रों में रिक्त स्थानों पर क्यों नहीं नियुक्ति करती है। इसी बीच विरोधी पक्ष नेता ने मनपा प्रशासन से कहा कि बीयूएमएस डाक्टरों को दिए गए नोटिस को वापस लेते हुए सभी को बहाल नहीं किया गया, तो वे मुख्यालय के गेट पर धरना प्रदर्शन करेंगे। विरोधी पक्षनेता के तेवर और आवास मंत्री की मध्यस्थता के बाद मनपा ने डॉक्टरों को भेजे गए नोटिस को वापस ले लिया।