कोरोना काल में चमकेगा ठाणे मनपा आयुक्त का बंगला, होगा दो करोड़ खर्च

Thane. कोरोना काल (Corona period) में ठाणे मनपा आयुक्त (Thane Municipal Commissioner)के बंगले को चमकाने में दो करोड़ का खर्च आने वाला है। मनपा आयुक्त की इस पहल की खूब आलोचना हो रही है। ठाणे के विभिन्न टावरों में बने स्विमिंग पुलों को कोरोना महामारी के चलते बंद रखा गया है। वहीं ठाणे मनपा आयुक्त के बंगले का जीर्णोद्धार पर दो करोड़ रुपए खर्च किए जाने की जानकारी सामने आई है। इसमें स्विमिंग पुल का भी समावेश है। ऐसे में अब सवाल यह उठने लगा है कि जब आम जनता कोरोना से जूझ रहा है और कइयों की मौतें हो रही हैं, ऐसे में एक आयुक्त के लिए ऐसी राजशाही क्यों होनी चाहिए थी। बताया गया है कि आयुक्त बंगले के जीर्णोद्धार के लिए मात्र 50 लाख रुपए की निविदा आमंत्रित करने का नाटक किया गया। दरअसल प्रत्यक्ष रूप में यह राशि धीरे-धीरे बढ़ती गई और कुल खर्च दो करोड़ रुपए पर पहुंच गया। वर्तमान आयुक्त डॉ. विपिन शर्मा ने खर्च पर पैनी नजर रखते हुए दावा किया है कि रिन्यू करने का फैसला तब लिया गया जब विजय सिंघल शॉर्ट टर्म कमिश्नर थे। आयुक्त बंगले के जीर्णोद्धार पर करोड़ों रुपए खर्च हो चुके हैं, जबकि मनपाका खजाना बदहाल स्थिति में है। ऐसे में जनता के रुपयों की इस तरह की जा रही बर्बादी को लेकर आयुक्त और मनपा प्रशासन की आलोचना की गई।

मनसे विद्यार्थी सेना के ठाणे जिलाध्यक्ष संदीप पचांगे ने मनपा आयुक्त पर जमकर आरोप लगाए। आयुक्त डॉ. विपिन शर्मा की हाल ही में पचांगे से मुलाकात हुई थी। आयुक्त ने कहा कि उस समय बंगला नवीनीकरण का निर्णय मेरे कार्यकाल में नहीं बल्कि मेरे पूर्व आयुक्त विजय सिंघल के कार्यकाल में लिया गया था और इसकी जानकारी लिखित में दी जाएगी। हालांकि, ठाणे के नागरिकों का कहना है कि शर्मा पूर्व आयुक्त के फैसले को टाल सकते थे।
ठाणे के पूर्व मनपा आयुक्त संजीव जायसवाल ने लंबे अवकाश के बाद पदभार छोड़ दिया था। इसके बाद विजय सिंघल ने ठाणे के नए आयुक्त के रूप में पदभार संभाला था। उस समय मनपा की प्रशासनिक शृंखला ने लोक निर्माण विभाग के माध्यम से पातलीपाड़ा स्थित आयुक्त बंगले के जीर्णोद्धार के लिए निविदा प्रक्रिया करते हुए काम शुरू की थी। तब भी इस अपव्यय को लेकर विवाद खड़ा हुआ था। हालांकि बंगला बनकर तैयार होने के महज ढाई से तीन महीने में ही सिंघल का तबादला कर दिया गया था। उसके बाद, जून 2020 के अंत में डॉ. विपिन शर्मा ने पदभार संभाला। उस समय कोरोना महामारी तेज रफ्तार पर थी। बताया गया कि आयुक्त के सुव्यवस्थित बंगले के जीर्णोद्धार का निर्णय जायसवाल के कार्यकाल में लिया गया था। ऐसे में सवाल यह उठता है कि क्या सिंघल ने कार्यभार ग्रहण करते ही जीर्णोद्धार का काम शुरू किया था। आम ठाणेकरों का कहना है कि कोरोना प्रकोप के दौरान यदि सिंघल ने मनपा की वित्तीय स्थिति का विचार न करते हुए नवीनीकरण का प्रस्ताव रखा था, तो उनकी राज्य के मुख्य सचिव के मार्फत पूछताछ की जानी चाहिए। संदीप पचांगे ने सवाल किया कि एक तरफ जहां नगरसेवकों ने कोरोना उपायों के लिए एक महीने का वेतन और नगरसेवक निधि का भुगतान किया, वहीं आयुक्त बंगले के जीर्णोद्धार पर करोड़ों रुपए क्यों खर्च किए गए।