डेमोक्रेटिक अम्मी के नाम सईद मिर्ज़ा की चिट्ठी

यह चिट्ठी दरअसल सईद मिर्ज़ा की किताब ‘लेटर टू अ डेमोक्रेटिक मदर ‘ का एक मर्मस्पर्शी…

तुम मेरी पहली मित्र हो मां!

यूं तो हम हमेशा तुम्हें याद करते हैं, जब भी हम ख़ुश होते हैं और दुख…

कव‍िता : मां का मन

अमर की अम्माअकबर की अम्मीऐन्थॉनी की मम्मीइन सब में भलेलाख बातअलग होकहीं रंगकहीं रूपकाफ़रक होपर फिर…

अर्मीनियाई कहानी : कॉफी कप

‘मोम की जि़ंदगी घुला करना‘ मैं तो उनके सामने अभी तक बच्ची ही हूं। वे कहती…

मां : जीवन की पहली गुरु, जिससे जीवन यात्रा हुई शुरू

”बेटा… पहले रामचरित मानस के ये चार दोहे मुझे सुना दो…. हां, और वह भी ऊंचे-लयबद्ध…

सबसे अच्छी प्रशिक्षक होती है माँ

माँ से बेटे-बेटियों का रिश्ता अटूट होता है। इस रिश्ते से बड़ा रिश्ता कोई नहीं। जिंदगी…