मराठा आरक्षण के बारे में जनता को गुमराह कर रही राज्य सरकार: चंद्रकांत पाटिल

Mumbai. भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रदेश अध्यक्ष चंद्रकांत पाटिल (Chandrakant Patil) ने कहा कि राज्य सरकार मराठा आरक्षण के बारे में जनता को गुमराह कर रही है। मराठा आरक्षण का मुद्दा पूरी तरह राज्य सरकार से संबंधित है और राज्य सरकार को इसे हल करना चाहिए। 

चंद्रकांत पाटिल ने पुणे में बुधवार को पत्रकारों को बताया कि राज्य सरकार हमेशा हर मुद्दे को केंद्र से जोड़कर खुद को बचने का प्रयास करती रहती है। मराठा समाज को आरक्षण (Maratha Reservation) देने का काम राज्य सरकार का ही है। इसके लिए सर्वप्रथम राज्य सरकार को राज्य पिछड़ा आयोग गठित करना पड़ेगा। राज्य पिछड़ा आयोग की रिपोर्ट के आधार पर मराठा समाज को पिछड़ा दिखाया जा सकेगा और आयोग की रिपोर्ट ही कानूनी रूप से सर्वोच्च न्यायालय (Supreme Court) में वैध मानी जाएगी। इसके लिए राज्य सरकार को प्रयास करना चाहिए।

पाटिल ने कहा कि राज्य सरकार अपने हिस्से का काम न करते हुए सारी जिम्मेदारी केंद्र सरकार पर झटकना चाहती है। पाटिल ने कहा कि मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे हाल ही में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मिले और राज्य की समस्याओं पर उनसे चर्चा की है। मुख्यमंत्री ने मराठा आरक्षण का मुद्दा भी केंद्र सरकार की ओर झटकने का प्रयास किया है, जो समाजहित में नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री से मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने अलग से आधे घंटे तक चर्चा की है।

इस बैठक की जानकारी किसी को नहीं है। प्रधानमंत्री (Prime Minister) ने अगर राज्य में शिवसेना को सपोर्ट करने के लिए कहा तो प्रदेश भाजपा प्रधानमंत्री की इच्छा के विरुद्ध नहीं जा सकती है। पाटिल ने कहा कि भले ही प्रदेश भाजपा राज्य में शिवसेना को सपोर्ट करे, लेकिन चुनाव राज्य में स्वयं बल पर ही लड़ने वाली है। निकट भविष्य में प्रदेश भाजपा किसी भी चुनाव में शिवसेना के साथ चुनावी तालमेल नहीं करने वाली है।