SRN Hospital: गैंगरेप का आरोप लगाने वाली युवती की मौत, धरने पर बैठीं सपा नेत्री ऋचा सिंह

आलोक गुप्ता
Prayagraj.
स्वरूप रानी नेहरू चिकित्सालय (SRN Hospital) में हुए तथाकथित गैंगरेप की शिकार युवती की इलाज के दौरान मौत हो गई। युवती को 31 मई की रात यहां भर्ती करवाया गया था। गैंगरेप के इस प्रकरण में एसआरएन प्रशासन पूरे मामले को नकार चुका है। मंगलवार को युवती की मौत के बाद यह मामला तूल पकडऩे लगा है। जानकारी होने पर सपा नेत्री ऋचा सिंह ने धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया है। सपा नेत्री ऋचा सिंह और समाजसेवी मंजू पाठक ने पुलिस और एसआरएन के चिकित्सकों पर गंभीर आरोप जड़ा है।

सपा नेत्री ऋचा सिंह ने कहा कि गैंगरेप की शिकार युवती की मौत एक बड़ी साजिश की तरफ इशारा कर रही है और पुलिस दोषियों को बचाने में जुटी हुई है। कहा कि इस प्रकरण में पुलिस ने अब तक एफआईआर दर्ज नहीं की।

पीडि़ता मिर्जापुर जनपद की रहने वाली थी। आंत में समस्या होने पर इलाज के लिए उसे 31 मई को एसआरएन लाया गया था। जहां पर उसका आपरेशन किया गया। आरोपित है कि आपरेशन थियेटर में ही उसके साथ कुछ लोगों ने गलत कार्य किया। इसकी जानकारी उस समय हुई, जब उक्त युवती आपरेशन थियेटर से बाहर निकली। हालांकि बेहोशी की हालत में होने के कारण वह कुछ कह नहीं पाई तो उसने कागज पर लिखकर बताया कि डाक्टर्स अच्छे नहीं हैं, उसके साथ गंदा काम किया।

ड्यूटी में पांच महिलाएं थीं शामिल
पीडि़ता के द्वारा उक्त जानकारी लिखकर देने का वीडिया वायरल होने के बाद हडक़ंप मच गया। मामले को संज्ञान में लेते हुए एसआरएन प्रशासन ने जांच शुरू कर दी, जिसमें हॉस्पिटल प्रशासन ने आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। प्राचार्य डॉ. एसपी सिंह ने बताया कि युवती के ऑपरेशन में आठ मेडिकल स्टाफ की ड्यूटी लगाई गई थी, जिसमें पांच लेडी स्टाफ को शामिल किया गया था।

मेडिकल में नहीं हुई रेप की पुष्टि
युवती द्वारा लगाए गए आरोपों की जांच में एसआरएन हास्पिटल प्रशासन ने डॉक्टर्स की एक कमेटी कमेटी बनाई, जिसमें सभी पहलुओं की जांच की गई और युवती का मेडिकल भी किया गया। मेडिकल में भी बलात्कार की पुष्टि नहीं हुई। रिपोर्ट में कहा गया कि आपरेशन के दौरान गलत फहमी के कारण युवती ने ऐसा आरोप लगा दिया। फिलहाल अब पीडि़़ता की मौत के बाद ऋचा सिंह सहित दर्जनों महिलाओं के सामने आने पर यह मामला तूल पकड़ता दिख रहा है।