वैक्सीनेशन: 14 जून से इन खास लोगों के लिए प्राथमिकता के आधार पर चलेगा अभियान

दिहाड़ी मजदूर, सब्जी विक्रेता, चालक-परिचालक होंगे लाभांवित, आरटीओ कार्यालय, नगर निगम या नगर पालिका कार्यालयों में लगाएं जाएंगे कैंप

Lucknow. मुफ्त राशन और भरण पोषण भत्ता देने के बाद कोरोना काल में कमजोर आय वर्ग को योगी सरकार एक और सौगात देने जा रही है। मजदूर, गरीब और दैनिक रोजगार करने वालों के लिए उत्तर प्रदेश में 14 जून से विशेष वैक्सीनेशन अभियान चलने जा रहा है। इस अभियान के तहत ठेला, रेहड़ी, खोमचा लगाने वाले और आटो, टेंपो, रिक्शा चलाने वाले, सब्जी, फल और दूध बेचने वालों को प्राथमिकता के आधार पर वैक्सीन लगाई जाएगी।

योगी सरकार इस विशेष वैक्सीनेशन अभियान के जरिए जहां दैनिक रोजगार से जुड़े लाखों लोगों को कोरोना से बचाव के लिए प्राथमिकता के आधार पर वैक्सीन का सुरक्षा कवर देने जा रही है वहीं, उसकी योजना आम तौर पर सीधे लोगों के संपर्क में आने वाले इस वर्ग के वैक्सीनेशन से कोरोना के खिलाफ यूपी की लड़ाई को और मजबूती देने की है।

बुधवार को जारी गाइडलाइन के मुताबिक, प्रतिदिन सीधे लोगों के संपर्क में आने वाले इन दैनिक रोजगार करने वालों के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने खास तौर से वैक्सीन अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। योजना के मुताबिक, ड्राइवरों के लिए हर जिले में आरटीओ कार्यालय और स्ट्रीट वेंडरों के लिए नगर निगम या नगर पालिका कार्यालयों में दो-दो वैक्सीनेशन बूथ बनाए जाएंगे।

वहीं, अभियान के तहत सब्जी और दूध बेचने वालों के साथ ठेला लगाने और आटो चलाने वालों के लिए वैक्सीन के खास सेंटर बनाए जाएंगे। वैक्सीन सेंटर एंबुलेंस समेत आकस्मिक चिकित्सा सुविधाओं से लैस होंगे। आर्थिक रूप से कमजोर तबके के लिए विशेष वैक्सीनेशन अभियान की योजना शुरू करने वाला यूपी देश का पहला राज्य है।

आयु वर्ग के हिसाब से बनेंगे दो बूथ
स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी गाइड लाइंस के मुताबिक, प्रत्येक जिले के आरटीओ ऑफिस में प्रतिदिन कम से कम 100 कामर्शियल वाहन चालकों (बस, टैक्सी आटो रिक्शा एवं ई-रिक्शा चालकों) और बसों के परिचालकों को वैक्सीन के डोज दिए जाएंगे। इसके लिए 50-50 व्यक्ति की क्षमता वाले दो बूथ स्थापित किए जाएंगे। इनमें एक 45 वर्ष से अधिक और दूसरा 18 से 44 वर्ष तक के लोगों के लिये होगा। यह वर्कप्लेस सीबीसी की तरह काम करेगा। बूथों पर संबंधित कार्यालय की सूचना के अनुसार पंजीकृत कामर्शियल वाहन चालकों को प्राथमिकता के आधार पर वैक्सीन दी जाएगी।

राशन, भत्ता के बाद अब वैक्सीनेशन पर जोर
महानगरों में नगर निगम और अन्य शहरों में नगर पालिका कार्यालयों में दो स्ट्रीट वेंडर्स बूथ बनाए जाएंगे। इन बूथों पर प्रतिदिन कम से 100 रेहड़ी पटरी दुकानदारों, फल-सब्जी विक्रेता व रिक्शा, ठेला चालकों को वैक्सीन दी जाएगी। इसके लिये 50-50 व्यक्ति की क्षमता वाले दो बूथ बनाए जाएंगे। सरकार के एक प्रवक्ता ने बताया कि इस अभियान के लिए प्रदेश स्तर पर तैयारी शुरू कर दी है।
गौरतलब है कि, योगी सरकार 18 से 44 वर्ष आयु वर्ग के लिए भी विशेष वैक्सीनेशन अभियान प्रदेश भर में चला रही है। वहीं, कमजोर आय वर्ग के 15 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन उपलब्ध कराने के साथ ही भरण पोषण भत्ता भी दे रही है।