आंगनबाड़ी में बच्चों के लिए घटिया चीनी के वितरण पर बवाल

विषबाधा की संभावना


आईजीआर संवाददाता

ठाणे. आंगनबाड़ी में बच्चों के लिए घटिया चीनी (sugar) के वितरण पर बवाल मच गया है। एकात्मिक बाल विकास सेवाएं छोटे बच्चों के पोषण आहार, स्वास्थ्य देखभाल और उनके स्वास्थ्य और पोषण की समस्या (nutrition, health care) को बच्चों अथवा उनकी मां पर विचार किए बिना हल नहीं किया जा सकता है। इसलिए महिला एवं बाल विकास परियोजना के तहत यह पहल शुरू की गई। हालांकि, ठाणे जिले के डोलखांब-शहापुर तालुका में कसारा-पाटिलवाड़ी में इन बच्चों के पोषण के लिए आपूर्ति की जाने वाली चीनी को बहुत ही घटिया और स्वास्थ्य के लिए हानिकारक पाया गया है। इस चीनी से बच्चों में जहर फैलने की संभावना जताते हुए श्रमिक संघ ने शहापुर पंचायत के समूह विकास अधिकारी से संबंधित आपूर्तिकर्ता के साथ-साथ महिला बाल विकास परियोजना के संबंधित अधिकारी के खिलाफ जांच कर कार्रवाई करने की मांग की है।

कुपोषित बच्चों की संख्या बढ़ेगी
ठाणे जिले के डोलखांब-शहापुर तालुका में कसारा के पास पाटिलवाड़ी निवासीजय गणेश ठाकरे (5) आंगनवाड़ी में पढ़ता है। जय के साथ अन्य बच्चों को आपूर्तिकर्ता ठेकेदार द्वारा चावल, नमक, मिर्च, हल्दी, मसूर, चना और चीनी उपलब्ध कराई जा रही है। हालांकि चीना बहुत ही पाई गई है, जो जिसे खाने में हानिकारक पाई गई हैं। बाल विकास विभाग के शहापुर और डोलखांब परियोजना के तहत तालुका में कुल 569 आंगनबाड़ी कार्यरत हैं। इनमें से 0 से 6 वर्ष की आयु के 16 बच्चे गंभीर रूप से कुपोषित (सैम) पाए गए और 244 बच्चे पिछले साल सामान्य रूप से कुपोषित (मैम) पाए गए। डोलखांब परियोजना में 74 गंभीर रूप से कुपोषित (सैम) और 345 मध्यम कुपोषित (मैम) बच्चों की पहचान की गई है। इस प्रकार, दोनों परियोजनाओं में पिछले साल तालुका में कुल 90 गंभीर रूप से कुपोषित बच्चे और 586 सामान्य रूप से कुपोषित बच्चे पाए गए थे।

आपूर्ति ठेकेदार के साथ अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग
कोरोना महामारी में दूसरे साल भी आंगनबाडी केंद्र बंद हैं। इसलिए लाभार्थी के घर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता-सहायिका या ठेकेदारों के माध्यम से महीने भर का पौष्टिक भोजन वितरित किया जा रहा है। इसमें 6,300 महिलाएं और 38,000 बच्चे शामिल हैं। एक बार के संपूर्ण आहार में गेहूं, चावल, अनाज, खाद्य तेल, गुड़, चीनी, आयोडीन युक्त नमक, मसाले शामिल हैं। साथ ही अनुसूचित क्षेत्र में 7 माह से 6 वर्ष तक के आयु वर्ग के सभी बच्चों को अतिरिक्त जनजातीय उपचार जैसे अंडे, केले, स्थानीय फल दिए जा रहे हैं। हालांकि, श्रमिक संघ के शहापुर तालुका सचिव प्रकाश खोदक ने संबंधित आपूर्ति ठेकेदार और महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई करने की लिखित शिकायत शहापुर समूह विकास अधिकारी से की है।