कानपुर में कोविड नियमों के साथ अस्पतालों में शुक्रवार से ओपीडी सेवायें होंगी बहाल

आईपीडी में भी देखें जाएंगे मरीज, कोरोना संक्रमण के चलते अस्पतालों में चिकित्सा सेवाएं चल रही थी बंद

प्रदेश में कोविड की रिकवरी रेट 97 फीसदी से अधिक होने पर मरीजों को देखने का लिया निर्णय

Kanpur. जनपद में शासन के निर्णय के बाद एक बार फिर से सरकारी अस्पतालों में चिकित्सीय सेवाएं शुक्रवार से बहाल हो जाएगी। अस्पतालों में कोविड प्रोटोकाल के साथ ओपीडी एवं आईपीडी सेवायें आमजन के लिए शुरू होगी (OPD and IPD services will start for the general public)। अस्पतालों में फीवर क्लीनिक भी अलग से स्थापित की जायेगी। शासन से मिले आदेश के बाद जिले के स्वास्थ्य विभाग के ओपीडी की शुरुआत को लेकर गुरुवार को तैयारियां मुकम्मल कर ली हैं। 
शासन के फरमान के बाद कानपुर के जिला अस्पताल व अन्य सरकारी अस्पतालों में चिकित्सा सेवाओं को बहाल किए जाने की तैयारियां गुरुवार को युद्ध स्तर पर चलती रही। ओपीडी वार्ड के साथ मरीजों के बैठने आदि जगहों को सैनेटाईज किया गया। शासन के निर्देशों को लेकर निदेशक डॉ. गिरिश चन्द्र श्रीवास्तव ने बताया कि अस्पताल में सभी औपचारिक तैयारियां पूरी कर ली गई है। सीएमएस डॉ. अनिल निगम ने बताया कि पूर्व की तरह की शुक्रवार से अस्पताल में ओपीडी की शुरुआत की जाएगी और मरीजों को देखा जाएगा। इसमें कोविड (covid) नियमों को पालन करना मरीजों व तीमारदारों को करना होगा। 
जिला अस्पताल उर्सला में सर्जिकल ओपीडी भी होगी शुरू होगी

यहां के सीएमएस डॉ0 निगम का कहना है कि अस्तपालों में सर्जिकल ओपीडी सेवायें कल से शुरू होगी। मरीजों के आपरेशन भी प्रारम्भ कर दिये जाएंगे। डिस्ट्रिक्ट हास्पिटल में आपरेशन के लिये मरीजों की भर्ती भी शुरू होगी। लेकिन आपरेशन से पहले मरीजों की ट्रूनेट, आरटीपीसीआर जांच करवाई जाएगी। 

पूरे समय चलेगी कान, आंख के इलाज की ओपीडी

सीएमएस डॉ. अनिल निगम (anil nigam) ने बताया कि कान, आंख के इलाज के लिये ओपीडी पूर्व में दो घंटे तक चलाने के आदेश थे लेकिन अब शासन के निर्देश पर ओपीडी को दो घंटे के बजाय हास्पिटल के खुलने के पूरे समय तक चलाया जाएगा। इसके साथ सभी हास्पिटलों में पोस्ट कोविड केयर सेंटर भी चलाए जाएंगे। जिनमें फिजीशियन, फिजियोथेरपिस्ट एवं मानसिक रोग विशेषज्ञ की टीम काम करेगी। 
अस्पताल में स्थापित की गई फीवर व फ्लू क्लीनिक 

सीएमएस ने बताया कि शासन के निर्देश के बाद डिस्ट्रिक्ट हास्पिटल, सीएचसी एवं पीएचसी पर फीवर क्लीनिक एवं फ्लू कार्नर स्थापित कर कोविड के लक्षण युक्त रोगितों का परीक्षण किए जाएंगे ताकि वे अन्य मरीजों से अलग रहे। एसीएमओ ने बताया कि इन स्थानों पर परीक्षण किए जाने वाले रोगियों का कोविड टेस्ट अनिवार्य रूप से ट्रूनेट या एन्टीजेन के जरिए किया जाएगा। इसके अलावा सभी स्वास्थ्य उपकेन्द्रों में भी कल से स्वास्थ्य सुविधायें मरीजों को उपलब्ध होगी।
सीएचसी व पीएचसी के अलावा कोविड अस्पतालों में ओपीडी व आईपीडी सेवायें होगी शुरू

 जिले में कोविड अस्पताल के रूप में चिन्हित सीएचसी व पीएचसी में 04 जून से नाम कोविड के ओपीडी एवं आईपीडी सेवायें अब शुरू होगी। यदि इन सीएचसी पर कोई कोविड मरीज भर्ती भी है तो से जिले के एल-2 स्तर के हास्पिटल में स्थानांतरित कर दिया जायेगा। साथ ही सेनाटाईजेशन की कार्रवाई करते हुये नाम कोविड चिकित्सा शुरू की जायेगी। 
रिकवरी रेट के 97 फीसदी से अधिक होने पर बहाल हुई चिकित्सा सेवा

उप्र में कोरोना वायरस का संक्रमण लगातार कम हो रहा है और रिकवरी रेट भी बेहतर बना हुआ है। महामारी का प्रकोप धीमा होते देख सरकारी चिकित्सीय सेवाएं को अस्पतालों में बहाल करने का निर्णय योगी सरकार ने लिया है। लेकिन सावधानी बरतने की भी जरूरत को नजरअंदाज न करने की शासन ने हिदायत भी दी है। अपर मुख्य सचिव अमित मोहन प्रसाद ने कहा कि कोविड प्रोटोकाल का पालन हर जगह आवश्यक रूप से कराया जाए। इसमें कोविड के साथ ही नान कोविड पर भी ध्यान देने की जरूरत है। क्योंकि अस्पतालों की गतिविधियां सीमित किये जाने की वजह से आम लोगों को चिकित्सीय सुविधायें मिलने में दिक्कतें हो रही है।