होना न होना

तुम नहीं थे तो
पानी बहुत तंग करता था
सब्जी कतरते समय
इधर-उधर जो भी
उंगली कट जाती थी
उसमें बना लेता था अपनी राह
बिसबिसाता था
और खून कर देता था बिल्कुल ठण्डा, सफेद
चमड़ों का पूरा नमक
सारा शहद तालू के नीचे का
धीरे-धीरे घोल लेने को तैयार
पानी था या थी वह
धार समय की
चाकू से भी तीखी?

तुम नहीं थे तो आग
बहुत तंग करती थी
फॉस्फोरस के छोटे-छोटे टुकड़े
छाती में, नाभि में, आंखों में
बिना बात सुलगा करते थे
जैसे कि मरघट में जुगनू कि
सिरकट्टे भूत!

अनामिका