भारत में मिला कप्पा नहीं, सिर्फ डेल्टा वैरिएंट खतरनाकः डब्ल्यूएचओ

संयुक्त राष्ट्र. कोविड-19 (Covide-19) के बी.1.617 स्ट्रेन का डेल्टा यानी बी.1.617.2 वैरिएंट ही दुनिया के लिए चिंता का विषय है। यह तथ्य विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) (World Health Organization) के अध्ययन में सामने आया है। ज्ञातव्य है कि भारत में मिले वैरिएंट्स को कप्पा और डेल्टा नाम दिया गया है। डब्ल्यूएचओ के अनुसार दो अन्य वैरिएंट बी.1.617.1 और बी.1.617.3 की संक्रमण दर अब काफी कम हो गई है। हालांकि बी.1.617 को 11 मई को वैश्विक चिंता का वैरिएंट (Variant) घोषित किया गया था। यह सबसे पहले भारत में मिला था। डब्ल्यूएचओ (WHO) के मुताबिक एक जून तक कोरोना का डेल्टा वैरिएंट (Delta Varient) दुनिया के 62 देशों में फैल चुका है।
इसके अलावा भारत में मिलने वाले बी.1.617.1 यानी कापा वैरिएंट के वैश्विक स्तर पर संक्रमण दर में कमी के बाद भी कुछ जगहों पर आंशिक बढ़ोतरी दिखी है। इसकी वजह से इसकी भी निगरानी की जा रही है। वहीं, बी.1.617.3 वैरियंट को चिंता का कारण नहीं माना गया है। सोमवार को डब्ल्यूएचओ ने कोरोना के अलग-अलग रूपों को ग्रीक गिनती के आधार पर अल्फा, बीटा, गामा आदि नाम दिए ताकि इन्हें याद रखना और बोलना आसान हो।