सामाजिक जिम्मेदारियों के निर्वहन में भी ‘नासेर्प’ सबसे आगे

दिव्यांगता के क्षेत्र में कार्य करता है नासेर्प, विभागीय अफसरों ने दी विभिन्न योजनाओं की जानकारी

सत्येंद्र कुमार द्विवेदी
Bhadohi.
दिव्यांगता के क्षेत्र में कार्य करने वाले राष्ट्रीय संगठन नासेर्प ने कोरोना काल में अपनी सामाजिक जिम्मेदारी का बखूबी निर्वहन किया। जरूरतमंदों को दवा, ऑक्सीजन, खून के साथ ही आर्थिक मदद की और साथ रहकर हौसला बढ़ाया। रविवार को आयोजित नासेर्प के वेबिनार में संगठन के पदाधिकारियों संग विभिन्न विभागों/क्षेत्रों के लोगों ने नासेर्प के कार्यों की सराहना की।

वेबिनार के चीफ गेस्ट अजीत प्रताप सिंह (डिप्टी डायरेक्टर, पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग) ने सरकारी योजनाओं की जानकारी दी। कोविडकाल में की गई सेवा का उल्लेख किया। कहा कि संगठन का प्रयास, सेवाभावना अतुलनीय है।
विशिष्ट अतिथि के रूप में डिप्टी डायरेक्टर अमित राय ने राष्ट्रीय संगठन नासेर्प के कार्यों की मुक्त कंठ से सराहना की और पूरी टीम को धन्यवाद दिया। कहा कि दिव्यांगजन के हितार्थ विभाग द्वारा संचालित समस्त कार्य, योजनाओं को समाज के सबसे निम्नतम धरातल तक पहुंचाना, हम सबका मानवीय दायित्व है, जिसका निर्वहन हम सभी पूरे मनोयोग से करेंगे।

विशिष्ट वक्ता के रूप में प्रोफेसर विनोद तनेजा ने सामाजिक संस्थानों व सामाजिक कार्यकर्ताओं के गुरुतर दायित्वों का उल्लेख करते हुए शिक्षा को समाज के उत्थान का एकमात्र संसाधन बताया। कहा कि वेद, उपनिषद, पुराण, धर्म और संस्कार का ज्ञान भी समाज के लिए जरूरी है। अतिरिक्त मुख्य शासकीय अधिवक्ता प्रयागराज सुभाष राठी और गांधी अकादमी सागर अकादमी के ओम प्रकाश शुक्ल, सामाजिक कार्यकर्ता राज्यवर्धन सिंह राजू, मिशन आत्मसंतुष्टि उत्तर प्रदेश के निदेशक और श्री नारायण यादव ने अपने अनुभवों को साझा किया।

वेबिनार की प्रासंगिकता को ऊंचाई प्रदान करते हुए मूक-बधिर प्रतिभागियों के लिए विशाल पवार, चांदनी सोनवानी, सचिन लोधी, मोर्टल जोशी ने वेबिनार की परिचर्चा का सांकेतिक भाषा में अनुवाद भी किया। अतिथियों का स्वागत और कुशल संचालन नासेर्प के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष नागेश पांडेय ने किया।