मुंबई मनपा आयुक्त ने बरसात में होने वाली परेशानियों से निपटने का दिया निर्देश

आईजीआर संवाददाता
Mumbai
. मनपा आयुक्त इकबाल सिंह (Bmc commissioner ikbal singh ) चहल के मार्गदर्शन में आज बीएमसी क्षेत्र में मानसून के दौरान होने वाली परेशानियों से निपटने की तैयारियों का जायजा जिला गया। इस दौरान प्रमुख रूप से मैनहोल और जल निकासी पर ध्यान देने का निर्देश आयुक्त ने दिया।बैठक में कम्प्यूटर प्रजेंटेशन (computer presentation) के माध्यम से मनपा क्षेत्र में मानसून पूर्व स्वच्छता एवं बरसात के पानी के निकासी से संबंधित कार्यों की जानकारी दी गयी। इस संबंध में मनपा के अतिरिक्त (परियोजना) पी. वेलारासु ने कहा कि योजना के तहत सफाई कार्य कराए जा रहे हैं। बीएमसी (BMC) के सभी 24 विभागों में वर्षा जल निकासी विभाग की टीम सहित अन्य सभी टीमों को सुसज्जित कर तैनात किया गया है। साथ ही उन सभी क्षेत्रों में डी-वाटरिंग पंप स्थापित किए गए हैं जहां कम गति से पानी निकाला जा रहा है और समय-समय पर डीजल का पर्याप्त स्टॉक सुनिश्चित किया जा रहा है। इस संबंध में सभी विभागों में मॉक ड्रिल भी की जा चुकी है।

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इसके अलावा बीएमसी के सभी विभागों में जहां जहां जल प्रवेश द्वार है और उन क्षेत्रों में भी जहां धीमी गति से पानी निकाला जाता है,उसकी विभागीय स्तर पर समय-समय पर जांच होनी चाहिए। वहीं मनपा आयुक्त ने आज की बैठक के दौरान निर्देश दिए कि सफाई, मरम्मत, रखरखाव आदि के लिए जो कार्य करने की जरूरत है, वह समय-समय पर किए जाएं। इसका अलावा जहां मैनहोल हैं, साथ ही उन क्षेत्रों में जहां पानी धीरे-धीरे निकलता है, सभी मैनहोल की विभागीय स्तर पर समय-समय पर जांच होनी चाहिए। समय समय पर इनकी सफाई, मरम्मत, अनुरक्षण आदि किये जाने की आवश्यकता है। पिछले साल के मानसून के दौरान, मुंबई सेंट्रल क्षेत्र में नायर अस्पताल और जे जे अस्पताल इन दो महत्वपूर्ण और बड़े अस्पतालों में कुछ जगहों पानी रुका हुआ था। इसे देखते हुए आयुक्त ने यह भी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि इन दोनों अस्पतालों में जल निकासी व्यवस्था समय-समय पर ठीक से काम कर रही है या नहीं।

जंबो कोविड अस्पतालों के स्तर पर इसी तरह आगे बढ़ें। नायर एवं जे.जे. अस्पतालों के संबंध में संबंधित संयुक्त आयुक्त/उपायुक्त के स्तर पर सभी संबंधित एजेंसियों के साथ समय-समय पर समीक्षा बैठक कर कार्रवाई करने के निर्देश दिया।आयुक्त ने सभी विभागों के सहायक आयुक्त को प्रतिदिन अपने-अपने क्षेत्रों का निरीक्षण करने का निर्देश दिया। इसके तहत नियमित रूप से वर्षा जल संचयन, स्वच्छता, मैनहोल, पेड़ और पेड़ की छंटाई आदि का व्यवस्थित और समयबद्ध तरीके से निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं। मनपा क्षेत्र में कार्यरत विद्युत वितरण कम्पनियों द्वारा किये गये किसी भी प्रकार के उत्खनन के मामले में खुदाई किये गये स्थान को समय पर एवं उचित तरीके से बहाल करने के निर्देश दिये गये हैं। साथ ही यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं कि जिन स्थानों पर मुंबई मेट्रो का काम चल रहा है, वहां बैरिकेड्स लगाए गए हैं।
बीएमसी के सभी 7 मंडलों के उपायुक्त / संयुक्त आयुक्त अपने स्तर पर मुंबई मेट्रो, एमएमआरडीए, म्हाडा, मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण, मुंबई पुलिस, मध्य रेलवे, पश्चिम रेलवे और संबंधित संगठनों के साथ तुरंत संयुक्त बैठकें आयोजित करें और आवश्यक समन्वित कार्रवाई किया जाए।

बीएमसी क्षेत्र में खतरनाक भवनों के संबंध में प्रक्रिया (एसओपी) के अनुसार तत्काल आवश्यक कार्रवाई करने तथा म्हाडा के अधिकार क्षेत्र में आने वाले भवनों के संबंध में उचित कार्रवाई करने के भी निर्देश दिए। आपातकालीन प्रबंधन के तहत सभी 24 विभागों में अस्थायी आश्रयों का प्रावधान। । इस बैठ में मनपा की अतिरिक्त आयुक्त (पूर्व उपनगर) अश्विनी भिड़े, अतिरिक्त आयुक्त (परियोजना) पी. वेलारासु, अतिरिक्त आयुक्त (पश्चिम उपनगर) सुरेश काकानी, ‘बेस्ट’ के महाप्रबंधक लोकेश चंद्र सहित संबंधित संयुक्त आयुक्त, उपायुक्त, सहायक आयुक्त और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। मुंबई पुलिस, सेंट्रल और वेस्टर्न रेलवे, म्हाडा, मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण, मुंबई मेट्रो आदि के प्रतिनिधि भी उपस्थित थे।