मप्र : ”नूरजहां” है आमों की रानी, जिसकी पेड़ पर ही हो रही बुकिंग

Bhopal. फलों का राजा कौन ? यह प्रश्‍न सुनते ही हर किसी की जुबान पर फलों का राजा आम का नाम ध्‍यान में आता है । यहां तक कि देश भर में अलग-अलग किस्‍म की वैरायटी के आम होते हैं और उनको पसंद करने वाले ही इसी तरह से अलग-अलग होते हैं। ऐसा बहुत कम होता है कि आम की वैरायटी सभी के मन को समान रूप से भाए। लेकिन यह जो आम ”नूरजहां”(Noor Jahan) है  वह अपने अंदर ही इतने अधिक गुण समेटे हुए है कि उसे एक बार में ही सभी पसंद करते हैं। 

मध्य प्रदेश के अलीराजपुर जिले में होता है ये खास आम

 दरअसल, तेज़ गर्मी में ”नूरजहां” आम का स्वाद इसके हर पसंद करने वाले को तरोताजा कर देता है। आमों की ‘मल्लिका-ए-हुस्न’ के रूप में मशहूर ”नूरजहां” किस्म एक ऐसा ही खास आम है। इस आम की खासियत ऐसी होती है कि फल लगते ही प्रति आम के हिसाब से इसकी पेड़ पर ही बुकिंग हो जाती है। मध्य प्रदेश के अलीराजपुर जिले में बहुतायत में लगने वाले इस आम ”नूरजहां” की बाजार डिमांड को आप ऐसे भी समझ सकते हैं कि यह आम 500 नहीं बल्कि एक हजार रुपये किलो तक में इस गर्मी के सीजन में बाजार में जाता है और विदेश के कई मुल्‍कों में यह इससे भी कई गुना महंगी कीमत में भेजा जाता है। 


इसके एक आम का वजन होता है 3.5 किलोग्राम तक

 ”नूरजहां” के बाग को अपने खेतों में प्रमुखता से लगाने वाले कृषक शिवराज सिंह बताते हैं कि ‘नूरजहां’ फल के अनुरूप मौसम होने की वजह से इस आम का आकार भी काफी बड़ा होता है। जहां इसका आकार इसकी खासियत बताता है वहीं इसका स्‍वादिष्‍ट रस सभी को बार-बार इसके स्‍वाद को चखने के लिए प्रेरित करता है। इसके इसी स्‍वाद के आनन्‍द के कारण ही लोग इस आम को टूटने के पहले ही पेड़ पर बुक कर देते हैं, जिसके कि किसी अन्‍य को ना देकर उन्‍हें ही पहले दे दिया जाए जिन्‍होंने इसे बुक किया है। शिवराज सिंह जाधव का कहना यह भी है कि मध्य प्रदेश और गुजरात के आम प्रेमियों ने इन आमों की बुकिंग कर दी है। इस वक्त एक ”नूरजहां” आम का वजन दो किलो से लेकर 3.5 किलोग्राम तक है। 
”नूरजहां” अफगान मूल का है आम 

किसान शिवराज सिंह बताते हैं कि ऐसा कहा जाता है ”नूरजहां” अफगान मूल का आम है। इसकी पैदावार सिर्फ अलीराजपुर के कट्ठीवाड़ा क्षेत्र में ही होती है। यह इलाका गुजरात सीमा से लगा हुआ है और यहां की जो मिट्टी है उसकी खास तारीर के कारण से यह आम अपने आप में विशेष आकार एवं स्‍वाद वाला हो जाता है। 
”नूरजहां” का एक पेड़ ही बना देता है लखपति

 बता दें कि शिवराज सिंह जाधव ”नूरजहां” आम के तीन पेड़ों के मालिक हैं । उनके बगीचे  में तीन ही पेड़ हैं और इन पर 250 आम आए हैं। एक आम की कीमत बाजार में 500 से लेकर 1000 रुपये तक है। पेड़ पर आए इन सभी आमों की बुकिंग भी पहले ही हो चुकी है। इसी से आप सहज अंदाजा लगा सकते हैं कि इन आम के तीन पेड़ों से ही वे हर साल लाखों रुपये कमा लेते हैं और समृद्ध किसानों में गिने जाते हैं। 
इस आम के बौर आते हैं जनवरी-फरवरी में 

शिवराज सिंह की तरह ही कट्ठीवाड़ा में इस आम की बागवानी के विशेषज्ञ के रूप में अपना स्‍थान रखने वाले इशाक मंसूरी कहते हैं कि पेड़ों पर आमतौर पर जनवरी-फरवरी से बौर आने शुरू होते हैं और इसके फल जून की शुरुआत में पककर फल के रूप में बिक्री के लिए तैयार हो जाते हैं। उन्‍होंने बताया है कि ”नूरजहां” आम के भारी-भरकम फल लगभग एक फुट तक लम्बे होते  हैं और इनकी गुठली का वजन ही 150 से 200 ग्राम के बीच आता है। 
इस खास आम का स्‍वाद लेने से नहीं दूर रहेंगे शौकीन 

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वे यह भी बताते हैं कि इस बार नूरजहां की फसल पिछले साल की तुलना में बहुत अच्छी है। गत वर्ष जलवायु परिवर्तन के दुष्प्रभावों का सीधा प्रभाव ”नूरजहां” पर दिखाई दिया जिसके कारण से ज्‍यादतर आम के पेड़ों पर बौर (आम के फूल) ही नहीं आ पाए थे, जिस वजह से  ”नूरजहां” शौकीनों को इसका स्‍वाद नहीं मिल पाया था, लेकिन इस बार प्रकृति मेहरबान रही है और यह आम पर्याप्‍त संख्‍या में हुआ है। इस बार इसके स्‍वाद से किसी को  वंचित नहीं रहना पड़ेगा।