प्रेरक प्रसंग : मदद का फल

कहते हैं कि अगर आप किसी की मदद करते हैं तो वह कभी जाया नहीं जाती। हर मदद कभी न कभी आपके पास लौट कर आती है। कभी यह मत सोचिए कि हम जिसकी मदद कर रहे हैं वह किस काम का।आज हम आपको सुना रहे हैं लियो तोलस्तोय की लिखा एक प्रेरक कथा। एक बार की बात है एक चींटी को प्यास लगी, तो वह नदी तट पर गई। इसी वक्त जोर की लहर आई और वह डूबने लगी। एक कबूतरी चोंच में एक शाखा लिए हुए उड़ी चली जा रही थी। उसने देखा कि चींटी डूब रही है, क़बूतरी घोसला बनाने बहुत दूर से शाखा लेकर आ रही था, पर उसने चींटी को बचाने के लिए शाखा नीचे फेंक दी। चींटी उस पर चढ़ गई और इस तरह उसकी जान बच गई। चींटी ने क़बूतरी की ओर कृतज्ञता से देखा और उसे दुआएं देती हुई घर चली गयी। कुछ समय बाद एक शिकारी ने कबूतरी को पकड़ने के लिए जाल बिछाया। चींटी ने देखा कि क़बूतरी खतरे में है, वह रेंगती हुई शिकारी के पास गई और उसने जोर से उसकी टांग को काटा • शिकारी दर्द से चिल्ला उठा, उसके हाथ से जाल छूट गया। कबूतरी ने पंख फड़फड़ाए और उड़ गई। क़बूतरी ने जो मदद की उसके बदले उसकी सबसे क़ीमती चीज, ‘जान’ बच गयी। तो दोस्तों याद रहे आपके द्वारा किसी की भी की गई मदद कभी जाया नहीं जाती..! सो लोगों की मदद करें, यह जरूर लौटेगी..!

• लियो तोलस्तोय