दुकानों का पंचनामा कर नुकसान की भरपाई दें : कैट

ज्योति दुबे
नवी मुंबई .
2 महीने जितने लंबे लॉकडाउन (lockdown) के बाद 4 तारीख को राज्य सरकार ने आदेश जारी कर कुछ जिलों में संक्रमण की गति पर अंकुश लगने के बाद 5 स्तरों में जिले एवं उनके क्षेत्र को बांट कर अनलॉक करने की घोषणा की है। उसके बाद स्थानीय प्रशासन द्वारा कौन सा क्षेत्र कौन से स्तर में सम्मिलित हो रहा है इसके बारे में असमंजस में था और कल देर रात परिपत्र जारी किए गए।

अब दुकानें सभी प्रकार के खुलने लगी हैं और इतने लंबे लॉकडाउन के बाद खुल रही दुकानों में ज्यादातर माल सामान खराब हो चुका है या चूहों ने काटा है कुछ वस्तुएं फैशन के संदर्भ में पुरानी हो चुकी है कुछ चीजों के इस्तेमाल करने की अवधि (expiry date) हो जाने पर उपयोग में नहीं लिया जा सकता है इसलिए राज्य सरकार ने जिस तरह चक्रवात तूफान के नुकसान का मुआयना कर पंचनामा करवा कर नुकसानी दी है, उसी तर्ज पर व्यापारियों की दुकानों के माल की नुकसानी भी तुरंत देनी चाहिए ऐसी मांग की केट के महानगर अध्यक्ष एवं अखिल भारतीय खाद्य तेल व्यापारी महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष शंकर ठक्कर ने और कहा अन्यथा व्यापारियों के पास नया माल भरने के लिए पूंजी नहीं है और बैंकों के किस्त और अन्य बकाया चुकाने हैं, ऐसे में कितने व्यापारी अपने व्यापार से हाथ धो सकते हैं और बेरोजगारी बढ़ सकती है।

( ये भी पढ़े- व्यापारी से मांगी पांच लाख की रंगदारी, दहशत में बीत रहा एक-एक पल )
उन्होंने आगे कहा व्यापारी जब से अपना व्यापार शुरू करता है तब से लेकर सरकार के सभी प्रकार के कर, लाइसेंस फि सरकार को चुकाते आता है आज व्यापारियों का इतना बड़ा नुकसान हुआ है तो सरकार की भी जवाबदेही है कि करदाता का इतना बड़ा नुकसान हुआ है इसकी भी भरपाई करनी चाहिए।कैट के महानगर महामंत्री तरुण जैन (CAT Metropolitan General Secretary Tarun Jain) ने कहा आज से थाना एवं नवी मुंबई मनपा क्षेत्र स्तर २ में होने के नाते पूरे दिन दुकान खोलने की अनुमति मिली है, जिससे व्यापारियों में उत्साह का वातावरण बना हुआ है सरकार द्वारा समय सीमा बढ़ाने के लिए हम उनका आभार व्यक्त करते हैं। शंकर ठक्कर ने राज्य सरकार और सभी स्थानीय प्रशासन से अनुरोध किया है कि व्यापारियों को कोरोना वॉरियर की श्रेणी में शामिल कर टीकाकरण में अग्रिम तारीख देनी चाहिए। व्यापारी का योगदान भारत के जीडीपी में अमूल्य है और खुदरा व्यापार अर्थ तंत्र की रीड की हड्डी माना जाता है इसलिए जल्द से जल्द टीकाकरण कर व्यापारियों को एवं उनके कर्मचारियों को चाइनीस कोरोना प्रकोप से सुरक्षा कवच प्रदान करें।