उल्हासनगर के 505 इमारतों का तुरंत स्ट्रक्चरल ऑडिट जरूरी, मनपा की कमेटी ने बनाई सूची

आनंद शुक्ला
Ulhasnagr
. उल्हासनगर मनपा की ओर से नियुक्त कमेटी ने सर्वे करके 505 ऐसी इमारतों की सूची तैयार की है, जिनका तुरंत स्ट्रक्चरल ऑडिट जरूरी है। ये 505 इमारतें 1994 से 1998 के बीच बनी थी। रिपोर्ट में कहा गया है कि इनमें से अधिकतर इमारतों का निर्माण निम्न गुणवत्ता वाली उलवे रेत का उपयोग करके किया गया था, जो बेहद खतरनाक है। सर्वे समिति में उमनपा अतिरिक्त आयुक्त, सभी उपायुक्त, सभी सहायक आयुक्त, वॉटरसप्लाई और पीडब्ल्यूडी विभाग के अभियंता द्वारा बनी समिति ने प्रत्येक नगरपालिका वार्ड में ऐसे भवनों की सूची तैयार की है। प्रभाग 4 में अधिकतम 160 ऐसे भवन हैं, जबकि प्रभाग 2 में 133, प्रभाग 3 में 118 और प्रभाग 1 में 94 हैं, ऐसी कुल मिलाकर 505 इमारतों के रहिवासियों से उमनपा प्रशासन ने अपील की है कि वे जल्द से जल्द स्ट्रक्चरल ऑडिट कराएं। पिछले महीने उल्हासनगर में दो इमारतों मोहिनी पैलेस और साईं शक्ति के 15 दिनों के भीतर गिरने से 12 लोगों की मौत हो गई थी। मनपा अधिकारियों ने बताया कि इन दोनों इमारतों का निर्माण 1994 और 1995 के बीच किया गया था और ये धोखादायक के रूप में सूचीबद्ध इमारतों का हिस्सा नहीं थे।


उल्हासनगर मनपा प्रशासन द्वारा बताया गया है कि शहर में कई इमारतें जो अतीत में ढह चुकी हैं, 1994 से 1995 के बीच बनी थीं, उनका निर्माण घटिया रेत का उपयोग करके किया गया था, समिति ने ऐसे सभी भवनों का विवरण एकत्र किया है, और भी आगे सर्वे करके और इमारतों के बारे में जानकारी ली जाएगी, प्रशासन द्वारा लोगों से भी यह कहा जाता है कि ऐसी इमारतो के बारेमें स्वयं होकर जानकारी दें, और इन इमारतों का स्ट्रक्चरल ऑडिट करवाएं, यदि निवासी प्राथमिकता के आधार पर अपने भवनों का संरचनात्मक ऑडिट कराने में विफल रहते हैं, तो लोगों को जान-माल के नुकसान से बचने के लिए जबरन खाली करना होगा, ऐसा प्रशासन का कहना है।जरूरत पड़ने पर मनपा द्वारा लोगों के रहने के लिए स्कूल, कॉलेज और समाजमन्दिर हॉल निर्धारित किए हैं। किसी भी घटना दुर्घटना से बचने के लिये उल्हासनगर के 505 इमारत वासियों को सुचना और सलाह दी गई है कि वे तुरंत किसी भी अर्हताधारक तज्ञ स्ट्रक्चरल इंजीनियर से ऑडिट करवाएं।