ग्राम पंचायतों में कोरम पूरा करने की कवायद शुरू, 12 को होगा मतदान

विकास खंड शंकरगढ़में दो दिन में दो सौ से अधिक फार्म बिके, छह जून को नामांकन, सात को नाम वापसी, 12 को मतदान और 14 को होगी मतगणना

आलोक गुप्ता
Prayagraj.
रिक्त पड़ी ग्राम पंचायत सदस्यों की सीट को भरने के लिए कवायद शुरू हो गई है। रिक्त सीटों के निर्वाचन के लिए शेड्यूल जारी कर दिया गया है। इसके तहत गुरुवार से नामांकन पत्रों की बिक्री की जा रही है, जबकि छह जून को नामांकनपत्रों की जांच और नाम वापसी होगी। इसके पश्चात उसी दिन प्रतीक चिन्ह आवंटित किया जाएगा। जबकि मतदान 12 जून को और मतों की गणना 14 जून को करवाई जाएगी।

विकास खंड शंकरगढ़ की कुल 76 ग्रामसभाओं में ग्राम पंचायत सदस्यों के 928 पद हैं, जिसमें से 453 पद रिक्त चल रहे हैं। इन पदों के रिक्त होने से कुल 46 ग्राम पंचायतों में अभी भी कोरम अधूरा है और वहां पर ग्राम पंचायतों का गठन अधूरा है। शंकरगढ़ में सिर्फ 30 ग्राम पंचायतों में नवनिर्वाचित प्रधानों व सदस्यों को शपथ दिलाई जा सकी है।

एडीओ (पंचायत) दीपेश सिंह ने बताया कि विकास खंड शंकरगढ़ में ग्राम पंचायत सदस्यों के 453 पद रिक्त चल रहे हैं। इसके लिए पिछले दो दिन से नामांकनपत्रों की बिक्री की जा रही है। बीते दो दिनों में दो सौ से अधिक फार्म बेचे जा चुके हैं।
आधी-अधूरी ग्राम पंचायतों में कोरम पूरा करने के उद्देश्य से करवाए जा रहे चुनाव के लिए नामांकन पत्रों की जांच, नाम वापसी, प्रतीक चिन्ह आवंटन के उपरांत 12 जून को मतदान करवाया जाएगा। जबकि 14 को मतों की गणना होगी।

इसके पश्चात ही ग्राम पंचायतों का गठन पूरा हो पाएगा और असंगठित ग्राम पंचायतों में शपथ दिलाई जा सकेगी। ताकि गांवों में विकास का पहिया निरंतर चलता रहे। चुनाव प्रक्रिया की तैयारी के लिए शुक्रवार को एआरओ ने ब्लाक मुख्यालय का भ्रमण किया।

73 ग्राम पंचायतों में खाली पड़े हैं पद
विकास खंड शंकरगढ़ में भले ही 30 ग्राम पंचायतों का गठन हो गया है और वहां नई सरकार सक्रिय हो गई हो, पर असलियत यह है कि अभी भी विकास खंड की 76 ग्राम पंचायतों में 73 ग्राम पंचायतें ऐसी हैं, जहां पर एक-दो ग्राम पंचायत सदस्यों के पद रिक्त हैं। एडीओ (पंचायत) दीपेश सिंह ने बताया कि उक्त रिक्त पड़ी सभी सीटों पर मतदान करवाया जाएगा, ताकि रिक्त सीटों को भरा जा सके।
दूसरी तरफ पंचायत चुनाव को लेकर अफवाहों का बाजार भी गर्म है। ज्यादातर ग्राम पंचायतों में सदस्यों को निर्विरोध चुनाव जितवाने का प्रयास किया जा रहा है तो कहीं यह भी हवा है कि चुनाव में मात खाए प्रधान प्रत्याशी अब ग्राम पंचायत सदस्य पद के लिए जोर आजमाइश कर रहे हैं। हालांकि अभी इसका कोई भी लिखित या ठोस आंकड़ा नहीं है। यह स्थिति चुनाव चिन्ह आवंटन होने के बाद ही साफ हो पाएगी।