शिवाजी पार्क में मीठे पानी का स्त्रोत मिला,बीएमसी 35 वेल बनाएगी

अक्षता घोक्षे
Mumbai.
महाराष्ट्र के समुद्री द्वीप पर बना मुरुद जंजीरा,(Murud janjira) इस अभेद्य किले की विशेषता यह है कि समुद्र के बीच में होने बावजूद किले में ताजा पानी है। यही विशेषता अब दादर शिवाजी पार्क (Dadar Shivaji Park) में दिखायी दी है। दादर में 24 एकड़ भूमि पर बना शिवाजी पार्क समुद्र से 300 मीटर की दूरी पर है। शिवाजी पार्क के नवीनीकरण का काम चल रहा है। इस दरम्यान यहां केवल 7 फीट की गहराई पर 5 मीठे पानी (Fresh Water) के स्रोत मिले हैं। बीएमसी (BMC) ने यहां से अधिक से अधिक पानी के लिए 35 रिंग वेल का काम अपने हाथ में लिया है। इसकी वजह से अब शिवाजी पार्क को पानी की किल्लत का सामना नहीं करना पड़ेगा।

बता दें कि मुंबई मनपा में शिवसेना की सत्ता है। मनपा प्रशासन की ओर से लगभग 2.90 करोड़ रुपये की लागत से शिवाजी पार्क के जीर्णोद्धार का काम हाथ में लिया गया है। इस जगह को 3 लाख लीटर पानी की जरूरत है। हालांकि, जीर्णोद्धार कार्य से पहले शिवाजी पार्क का भूवैज्ञानिकों (Geologists) द्वारा निरीक्षण किया गया और उसमें ताजे पानी के 5 स्रोत पाए गए। इसलिए इस स्थान पर 35 रिंग वेल का कार्य किया गया है। अनुमान है कि यहां के प्रत्येक कुएं से कम से कम 25,000 लीटर पानी प्राप्त होगा।