15 दिनों में हो स्थाई समिति सभापति का चुनाव: बॉम्बे हाईकोर्ट

आईजीआर संवाददाता
Ulhasnagar
. बॉम्बे हाईकोर्ट ने आदेश दिया है कि स्थाई समिति सभापति का चुनाव 15 दिनों के अंदर कराएं जाएं। महाराष्ट्र सरकार के नगरविकास विभाग द्वारा कोरोना संक्रमण का हवाला देते हुए उल्हासनगर महानगरपालिका की स्थाई समिति के सभापति पद को टालने के बाद यह मामला बॉम्बे हाईकोर्ट पहुंच गया था। उप महापौर भगवान भालेराव तथा नगरसेवक टोनी सिरवानी द्वारा दायर रिट पीटीशन पर हाईकोर्ट ने पिछले महीने राज्य सरकार के आदेश पर रोक लगा दिया था और आख़िरकार कल हुई सुनवाई में हाई कोर्ट ने 15 दिनों के अंदर स्थाई समिति के सभापति का चुनाव करवाने का आदेश दिया है। बता दें कि 22 मार्च 2021 को जूम मीटिंग के तहत मनपा की आमसभा में स्थाई समिति के 8 नए सदस्यों का चुनाव संपन्न हुआ था और कोंकण आयुक्त ने भी इसकी मान्यता दे दी। जिसके बाद मनपा के पत्र पर कोंकण आयुक्त ने 15 अप्रैल को सुबह 11 बजे से सभापति पद का चुनाव करवाने की स्वीकृति दे दी। मगर 9 अप्रैल को नगरविकास विभाग ने आदेश जारी कर कोरोना का हवाला देते हुए 1 महीने तक चुनाव नहीं करवाने का आदेश जारी कर दिया। इसके बाद 6 मई 2021 को नगरविकास विभाग के अवर सचिव सचिन सहस्त्रबुद्धे ने एक आदेश जारी कर कहा है कि राज्य में बढ़ते कोरोना प्रादुर्भाव को देखते हुए सभी महानगरपालिका, नगर पालिका तथा नगर पंचायत में स्थाई समिति तथा विषय समितियों के सभापति और सदस्यों की चुनाव प्रक्रिया स्थगित की गई है। एक महीने में कोरोना संक्रमण का जायजा लेकर फिर आदेश जारी किया जायेगा। तबतक कोरोना के संदर्भ में उपाययोजना हेतु आवश्यक बैठक ऑनलाइन ली जा सकती है और जिन सभापतियों और सदस्यों की सेवा अवधि 31 मार्च को समाप्त हो गई है वो अगले आदेश जारी होने तक कामकाज देखेंगे। मतलब इस आदेश से ये जाहिर होता है कि 22 मार्च को जो मनपा की आमसभा में स्थाई समिति के 8 नए सदस्यों का चयन हुआ उन नए सदस्यों का कोई अस्तित्व नहीं है। राज्य सरकार के इस आदेश पर उप महापौर भगवान भालेराव तथा नगरसेवक टोनी सिरवानी द्वारा हाईकोर्ट में रिट पिटीशन दाखिल की गई थी। अब हाईकोर्ट ने 15 दिनों के अंदर चुनाव करवाने का आदेश दिया है।