इकोसिस्टम संरक्षण : डिब्बों में जैव-शौचालय और स्टेशनों पर प्लास्टिक बोतल क्रशिंग मशीन

जैव शौचालयों के माध्यम से स्वच्छता में सुधार
आईजीआर संवाददाता
Mumbai.
“स्वच्छ भारत मिशन”( Swachh Bharat Mission) के एक हिस्से के रूप में, भारतीय रेल ने अपने पूरे बेड़े में जैव शौचालयों (bio-toilets) की स्थापना का काम पूरा कर लिया है। इससे यह सुनिश्चित हो गया है कि ट्रैक पर चल रहे कोचों से कोई मानव अपशिष्ट डिसचार्ज नहीं होगा। इस प्रयास से पटरियों पर प्रतिदिन लगभग 2,74,000 लीटर मलमूत्र से बचा जा रहा है। इसके अतिरिक्त, मानव अपशिष्ट के कारण रेल और फिटिंग के जंग लगने से भी बचाया जाता है। भारतीय रेल (Indian Railway) पर 73,078 डिब्बों में 2,58,906 जैव शौचालय लगाए गए हैं। सेंट्रल रेलवे (Central Railway) ने अपने सभी 5,000 डिब्बों में जैव शौचालय लगाने का काम पूरा कर लिया है।

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भारतीय रेल के स्टेशनों पर प्लास्टिक बोतल क्रशिंग मशीन
रेलवे ने स्टेशनों में उत्पन्न होने वाले प्लास्टिक कचरे को कम तरीके, पुनर्चक्रण और निपटाने के लिए कई पर्यावरण अनुकूल पहल की हैं। इन पहलों को और बढ़ावा देने के लिए 400 से अधिक रेलवे स्टेशनों पर कुल 585 प्लास्टिक बोतल क्रशिंग मशीनें (Plastic Bottle Crushing Machines) पहले ही स्थापित की जा चुकी हैं और भारतीय रेल पर अधिक लगाने हेतु प्रक्रिया जारी है।