साइबर क्राइम सेल ने वापस करवाए शिक्षक के 93,840 रुपये

जालसाज ने क्रेडिट कार्ड के नाम पर लगाया था चूना

संजय सिंह
Bhadohi.
साइबर शातिरों द्वारा उड़ाई गई रकम को आज साइबर क्राइम सेल ने वापस करवा दिया। साइबर क्राइम सेल की कार्यकुशलता से पैसे वापस मिलते ही जालसाजी का शिकार हुए शिक्षक के चेहरे पर मुस्कान लौट आई।

पुलिस अधीक्षक रामबदन सिंह की अगुवाई में अपराध और अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के क्रम में साइबर सेल ने उक्त धनराशि दो किश्तों में वापस करवाई है। पुलिस को दी गई तहरीर के मुताबिक औराई थाना के खमरिया निवासी अमृतलाल यादव पेशे से सहायक अध्यापक हैं। अमृतलाल यादव ने साइबर सेल में प्रार्थनापत्र देकर बताया कि उनके एसबीआई क्रेडिट कार्ड को डी-ग्रेड करने के नाम पर शातिरों ने 93,840 रुपये पार कर दिया था।

इस मामले की जानकारी होने पर साइबर क्राइम सेल भदोही ने तत्काल कार्यवाही करते हुए शिकायतकर्ता के खाते में 21,374 रुपये तत्काल वापस कराया। इसके बाद शेष धनराशि की वापसी के लिए जांच/कार्यवाही शुरू की गई। साइबर क्राइम सेल ने रकम उड़ाने वाले जालसाज का बैंक एकाउंट सीज करवाया। इसके बाद शेष धनराशि 72,466 रुपये को शिकायतकर्ता के खाते में वापस कराया गया।
जालसाजी का शिकार हुए अमृतलाल यादव ने सेल प्रभारी इंस्पेक्टर आशीष सिंह, एसआई अरविंद यादव, राधेश्याम कुशवाहा, अंकित त्रिपाठी और अमित कुमार राय सहित एसपी भदोही का आभार व्यक्त किया है।

फोन पर कभी न बताएं ओटीपी और पासवर्ड
साइबर क्राइम सेल भदोही के प्रभारी आशीष सिंह ने कहा कि मोबाइल काल पर किसी को अपना एटीएम कार्ड नंबर, सीयूजी नंबर, पासवर्ड, इंटरनेट बैंकिंग यूजर आईडी, पासवर्ड व ओटीपी नहीं बताना चाहिए। कहा कि कभी भी किसी कंपनी का कस्टमर केयर नंबर 1800 से शुरू होता है या फिर वह पीएनटी नंबर होगा। जालसाज मोबाइल नंबर के जरिए भोले-भाले, मासूम लोगों को अपना शिकार बनाते हैं।