मराठा समुदाय के हित की ठाकरे सरकार ने की निर्मम हत्या: आशिष शेलार

आईजीआर संवाददाता
बीड.
भाजपा विधायक आशिष शेलार (BJP MLA Ashish Shelar) ने राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि जिस तरह से जघन्य हत्यारे की हत्या के पहले की तैयारी और तत्परता नहीं दिखाई नहीं देती है। भले ही आरोपी का भोला भाला चेहरा सामने हो पर नजर नहीं आता है। उसी तरह कांग्रेस, राकांपा और अब शिवसेना ने मराठा समुदाय (Maratha community) के हित की निर्मम हत्या की। बता दें कि आशिष शेलार राज्य की स्थिति पर चर्चा करने और मराठा समुदाय के विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ बातचीत करने के लिए बीड, परली और नांदेड़ के चार दिवसीय दौरे पर हैं। आज दोपहर उन्होंने बीड में मराठा समुदाय के विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की। इस अवसर पर लक्ष्मण पवार, नमिता मुंडाडा, सुरेश धास, जिलाध्यक्ष राजेंद्र म्हस्के सहित भाजपा विधायक और पदाधिकारी उपस्थित थे। उसके बाद आशीष शेलार ने भाजपा कार्यालय में प्रेस वार्ता कर पत्रकारों से बातचीत की।

उन्होंने कहा कि जब कालेलकर आयोग आया था, जिसमें मराठा समुदाय के हितों को ध्यान में रखा गया था लेकिन तत्कालीन सरकार ने रिपोर्ट पेश नहीं की थी। मंडल आयोग (mandal Commission) के समय एक मौका ले सकते थे, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया। बापट आयोग (Bapat Commission) ने मराठा समुदाय को आरक्षण देने से इनकार किया लेकिन सरकार ने रिपोर्ट को खारिज नहीं किया। मराठा समुदाय को आरक्षण देने से इनकार करने वाले विभिन्न आयोगों द्वारा की गई सिफारिशों को तत्कालीन कांग्रेस और राकांपा सरकारों ने खारिज नहीं किया था। इसके बाद राणे कमेटी आई। वास्तव में एक आयोग की जरूरत थी लेकिन एक समिति नियुक्त की गई थी। इस तरह एक-एक कर तत्कालीन और वर्तमान सरकार की पार्टियों ने मराठा समुदाय के हितों की हत्या की। आज ये वही लोग हैं जो भाजपा को सिखाने का काम कर रहे हैं। हमें मत पढ़ाओ। प्याज को नाक से न छीलें। मराठा समुदाय के कल्याण के लिए एक स्टैंड लें।
गायकवाड़ आयोग (Gaikwad Commission)ने बताया कि मराठा समुदाय पिछड़ा हुआ था। ठाकरे सरकार ने पूरी तरह से रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट को नहीं सौंपा। ऐसा करते तो मराठा समाज को मिलने वाला लाभ टिकता। इसलिए मराठा समुदाय को पूर्ण आरक्षण चाहिए, इसके लिए भाजपा पार्टी का झंडा फहराकर मराठा समुदाय के आक्रोश का समर्थन कर रही है। उन्होंने यह भी मांग की कि ठाकरे सरकार को मराठा समुदाय को 3,000 करोड़ रुपये का पैकेज देना चाहिए, मराठा समुदाय को ओबीसी रियायतें लागू करनी चाहिए और किसी अन्य समुदाय के आरक्षण को हाथ भी नहीं लगाना चाहिए। ठाकरे सरकार ने मराठा समुदाय को EWS में आरक्षण दिया। इसमें आपकी क्या भूमिका है? अब तक मराठा मोर्चे का मजाक उड़ाने वाली शिवसेना को छत्रपति के वंशजों द्वारा सबूत मांगने की असंवेदनशीलता देखने को मिली थी। अब कर्तव्य शून्यता देखेने को मिली है। ठाकरे सरकार ने पिछले 15 महीनों से ओबीसी के राजनीतिक आरक्षण के बारे में कुछ नहीं करके ओबीसी समुदाय का बहुत बड़ा नुकसान किया है। उन्होंने ठाकरे सरकार पर अंग्रेजों की तरह समाज में विभाजन और झगड़े पैदा करने का भी आरोप लगाया ।