कोरोना से माता-पिता को खोने वाले बच्चों की खोज शुरू

मुख्य विकास अधिकारी ने की बैठक, जनपद में कोरोना से अनाथ हुए बच्चों के लिए बाल सेवा योजना का शुभारंभ

संजय सिंह
Bhadohi.
कोरोना महामारी की वजह से अनाथ हुए बच्चों के लिए केंद्र के साथ ही सूबे की सरकार ने कई प्रकार की मदद का ऐलान किया है। इसका लाभ उन बच्चों तक पहुंचाने के लिए आज जिला प्रशासन ने एक बैठक की और मातहत अफसरों को आवश्यक दिशा निर्देश दिया।
कोरोना से अनाथ हुए बच्चों का जीवन संवारने के लिए कई योजनाओं की घोषणा की गई है। इसका लाभ उन बच्चों को दिया जाएगा, जिनके माता-पिता की असमय मौत हो गई। इसमें ऐसे बच्चों के लालन-पालन, शिक्षा-दीक्षा सहित विकास के सभी संसाधन उपलब्ध कराए जाने हैं। यह जानकारी देते हुए जनपद के मुख्य विकास अधिकारी (CDO) ने विकास भवन सभागार में मातहत अफसरों के साथ बैठक की और ऐसे बच्चों का चिन्हीकरण का आदेश दिया।

सीडीओ ने कहा कि कोरोना काल में माता-पिता गंवाने वाले बच्चों के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मदद का हाथ आगे बढ़ाया है। कोरोना से अपने माता-पिता को खोने वाले वाले बच्चों को सहायता राशि मिलेगी। सीएम ने घोषणा की है कि कोरोना संक्रमण की वजह से अपने माता-पिता या अभिभावक दोनों को खोने वाले सभी बच्चों को बाल सेवा योजना के तहत सहायता दी जाएगी।
मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में बच्चे के वयस्क होने तक उनके अभिभावक अथवा देखभाल करने वाले को 4,000 रुपये प्रति माह की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। दस वर्ष की आयु से कम के ऐसे बच्चे जिनका कोई अभिभावक अथवा परिवार नहीं है, ऐसे सभी बच्चों को प्रदेश सरकार द्वारा भारत सरकार की सहायता से अथवा अपने संसाधनों से संचालित राजकीय बाल गृह (शिशु) में देखभाल की जाएगी।

बताया कि अवयस्क बालिकाओं की देखभाल भी सुनिश्चित की जाएगी। इन्हें भारत सरकार द्वारा संचालित कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों (आवासीय) में अथवा प्रदेश सरकार द्वारा संचालित राजकीय बाल गृह (बालिका) में रखा जाएगा। बालिकाओं के विवाह की समुचित व्यवस्था के लिए प्रदेश सरकार बालिकाओं की शादी के लिए रुपये 1,01,000 की राशि उपलब्ध कराएगी।
स्कूल-कॉलेज में पढ़ रहे या व्यावसायिक शिक्षा ग्रहण कर रहे ऐसे सभी बच्चों को टैबलेट, लैपटॉप की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। बताया कि ऐसे अनाथ बच्चों को लाभ दिलाने के उद्देश्य से उनके चिन्हीकरण का निर्देश अफसरों को दिया गया है। जिसके तहत शीघ्र ही उन्हें लाभांवित किया जाएगा।