आज उनकी समाधि से भी सुगंध आ रही है!

पुस्तक अंश : समय के पांव से  वह एक ही बोली बोलता था : उठो, जागो,…

गांधी : वह सितारा जिसका ‘स्टारडम’ कभी धूमिल नहीं पड़ा

साधारण कद-काठी के गांधी जी का जीवन जितना सीधा और सरल था, उनका व्यक्तित्व उतना ही…

गांधीजी के तीन सुर: टैगोर, आंइस्टीन और एंड्रयूज

एक सार्थक जीवन का मूल उत्स जन सहभागिता ही है। यह कर्तव्य यों भी प्रयोजनातीत ही…

सुना है एक बापू थे

सुना है एक बापू थेसुना है एक नाथू थेसुना हैएक ने गोली मारी थीदूजे नेख़ामोशी से…

जेब में गांधी मसलन पांच सौ का नोट

अभी-अभी सड़क़ पर अखबार बेचने वाले नेबड़ेे रहस्यमय तरीके से मुझ से कहा किइस बुढ़़ऊ से…

चितपावन व्रात्यों का वह मायालोक और गांधी बाबा की याद!

पिछले सौ सालों में अफ़्रीका के इस दक्षिणतम देश ने क्या खोया, क्या हासिल किया, इसका…

अपने-अपने गांधी

गांधी… यह नाम हमारे सामने एक साथ कितने रूप लेकर आता है। एक साथ कितने विचार…

गांधी, सुभाष और नेहरू की त्रयी और रिश्ते

ये एक ऐसी त्रयी थी, जिसमें कोई भी एक जैसा नहीं था। सब अलग विचारों से…

गाँधी और तिलक : मेरे और तिलक के तरीकों में मेल नहीं है फिर भी…

वर्ष 2020 कई मायनों में विशेष बना है। गाँधीजी की 151वीं जन्म जयंती है साथ ही…

गाँधी और तिलक : मेरे और तिलक के तरीकों में मेल नहीं है फिर भी…

वर्ष 2020 कई मायनों में विशेष बना है। गाँधीजी की 151वीं जन्म जयंती है साथ ही…

गांधी, सुभाष और नेहरू की त्रयी और रिश्ते

ये एक ऐसी त्रयी थी, जिसमें कोई भी एक जैसा नहीं था। सब अलग विचारों से…

गोलमेज़ सम्मेलन और गांधी : क्या करूं, मेरे हिस्से का कपड़ा तो सम्राट ने पहन रखा है!

आजादी की लड़ाई के दरम्यान अंग्रेजों ने कई गोलमेज सम्मेलनों का आयोजन किया। इन गोलमेज़ सम्मेलनों…

लोकसंस्कृति में गांधी गांधी : महात्मा दूल्हा बने हैं, दुलहिन बनी सरकार

मोहनदास करमचंद गांधी एक ऐसी शख़्सियत का नाम है, जिसने अहिंसा के सिद्धांतों पर सत्याग्रह के…

बचपन की क्यारी से : आओ फिर एक सपना देखें

ये शब्द बताएंगे कि आज का एक किशोरमन क्या सपना देख रहा है गांधी के इस…

गांधी और अरबिंदो : रिश्ते की वह डोर जो फैली थी ‘महात्मा’ और ‘महर्षि’ के बीच!

गांधी और अरबिंदो … एक महात्मा, दूजा महर्षि! दोनों के जीवन और सपनों में तमाम समानताएं…

बापू ने मुझे ज़िंदगी के सबसे बेरहम चेहरे के सामने खड़ा होना सिखाया

हमारा आत्म हमारे अकेले का उत्पाद नहीं होता। कितने लोग, कितनी घटनाएं, कितना समय, कितनी परिस्थितियां…

कृषि और गांधी : भारत की रीढ़ को सहारा दे सकता है गांधीविचार

वर्तमान में भारत के लगभग साढ़े छह लाख ग्राम, जो अंग्रेज़ी दासता से मुक्ति के वर्ष,…

गोखले और गांधी : गुरु के सिखाए गूढ़ सबक से मोहनदास बन गए राष्ट्रपिता महात्मा गांधी !

भारत के राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की आज 151वीं जन्म जयंती है। इस खास दिन पूरी दुनिया…

लाल बहादुर गांधी : एक शास्त्री में अनेक गांधी

“2 अक्टूबर को जन्मे 2 लोग… अलग-अलग काल खण्ड में… जन्म हुआ पोरबंदर में और मृत्यु…

आत्मा की अभिव्यक्ति ही सच्ची कला है : महात्मा गांधी

अक्टूबर 1924 में महात्मा गांधी ने कहा था कि ” सब सच्ची कलाएं आत्मा की अभिव्यक्ति…

कभी मैली नहीं होगी गंगा, कभी नहीं मरेंगे गांधी

मैंने गांधी को उतना नहीं पढ़ा, जितना मेरे ज़्यादातर दोस्तों ने पढ़ा है। फिर भी जब…