मुंबई महानगरपालिका चुनाव के लिए राज्य चुनाव के अंतिम निर्णय का इंतजार

आईजीआर संवाददाता
मुंबई
. अगर मुंबई में कोरोना संक्रमण नहीं बढ़ा तो अगले वर्ष 2022 फरवरी में मुंबई महानगरपालिका का चुनाव होना तय है। राज्य चुनाव आयोग ने भी मनपा को चुनाव की तैयारियां शुरू करने का निर्देश दिया है। पर सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार मनपा चुनाव को लेकर राज्य चुनाव आयोग, केंद्रीय चुनाव आयोग (सीईसी) के परामर्श के बाद जून के पहले सप्ताह में अंतिम निर्णय की घोषणा करेगा।

(मुंबई महानगरपालिका चुनाव के लिए राज्य चुनाव के अंतिम निर्णय का इंतजार)

गौरतलब है राज्य चुनाव आयोग के आयुक्त यू. पी. एस. मदान,बीएमसी की अतिरिक्त आयुक्त अश्विनी भिड़े के बीच मनपा चुनाव को लेकर एक महत्वपूर्ण ऑनलाइन बैठक हुई। बता दें कि बीएमसी पर पिछले 25 सालों से शिवसेना की सत्ता में है। पिछले विधानसभा चुनाव में सहयोगी और सत्ताधारी शिवसेना और भाजपा अब आमने-सामने हैं। इसलिए भाजपा किसी न किसी तरह से बीएमसी से शिवसेना को हटाना चाहती है। पिछले साल सिर्फ कुछ कम सीटों की कमी के कारण सत्ता का मौक़ा गवाने वाली भाजपा इस बार चुनाव को लेकर उत्साहित है। वहीं, कांग्रेस अपने दम पर चुनाव कराने की तैयारी में है। इसलिए कांग्रेस भी सत्ता चाहती है। मनसे, समाजवादी पार्टी और एनसीपी भी इस बार पहले की अपेक्षा अधिक उत्साहित हैं।

मुंबई में अभी भी कोरोना के मरीज मिल रहे हैं। इसलिए चुनाव को लेकर सस्पेंस बरकरार है। वर्तमान परिस्थिति और आगामी तीसरी लहर को देखते हुए यह कहना मुश्किल है कि चुनाव समय पर होंगे या स्थगित कर दिए जाएंगे। इस चुनाव पर सभी पार्टी के नगरसेवक भी नजर बनाए हुए हैं। चुनाव में लॉटरी के जरिए रिजर्वेशन वार्ड चुने जाएंगे। वार्ड के ढांचे में आवश्यकतानुसार बदलाव किए जाने की संभावना है। यह समझा जा रहा है कि आरक्षण में कोई वृद्धि या कमी न हो, इसका ध्यान रखा जाएगा। मनपा चुनाव व्यवस्था के लिए नई मतदाता सूची और संशोधित मतदाता सूची तैयार करने का कार्य धीमी गति से चल रहा है। साथ ही अगर कोरोना के मामले बढ़ते हैं, चुनाव में कुछ रुकावट की स्थिति बनने के आसार बनेंगे तो और इसके लिए अलग से योजना बनानी होगी।
कोरोना के कारण अगर चुनाव रद्द करना पड़ा तो बीएमसी को अपना कार्यकाल समाप्त होते ही बर्खास्त करना होगा। स्वाभाविक रूप से चुनाव स्थगित होगा। बीएमसी समय पर चुनाव कराने के लिए पूरी तरह तैयार है। राज्य चुनाव आयोग से अंतिम निर्णय आने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।