भाजपा का आध्यात्मिक मोर्चा हिंदुत्व को बदनाम करने की कोशिश-सचिन सावंत

आईजीआर संवाददाता
Mumbai.
महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव और प्रवक्ता सचिन सावंत (Sachin Sawant, General Secretary and Spokesperson of Maharashtra Pradesh Congress Committee) ने कहा कि भाजपा को धर्म की राजनीति तत्काल बंद करनी चाहिए। कोरोना महामारी का खतरा अभी तक टला नहीं है। राज्य सरकार ने अभी तक धार्मिक आयोजनों, मेलों और यात्राओं पर स्व प्रतिबंध नहीं हटाया है। उंसके बावजूद भाजपा के आध्यात्मिक मोर्चा पंढरपुर की आषाढ़ी वारी पैदल करने का आग्रह कर रहे हैं। यह वारकरियों की जान के साथ खिलवाड़ करना है। राजनीति और अध्यात्म बिलकुल विरोधी रास्ते हैं। अध्यात्म से बीजेपी का क्या लेना-देना? भाजपा आध्यात्मिक मोर्चे के मुहाने से हिंदू धर्म को बदनाम करने और अधंविश्वास को बढ़ाने का काम कर रही है। अनाचार्य की भाषा का अध्यात्म से कोई लेना-देना नहीं है।

सावंत ने कहा कि भाजपा का हिंदू धर्म के सिद्धांतों और आध्यात्मिक मोर्चे का अध्यात्म से कोई लेना-देना नहीं है।बीजेपी का वारकरी संप्रदाय से कोई संबंध नहीं है। ये सब झूठे पुजारी हैं। पैदल वारी की मांग के पीछे राजनीति है। ये लोग वारकरियों के प्रतिनिधि नहीं हैं और इनका वारकरियों के स्वास्थ्य से भी कोई लेना-देना नहीं है। लाखों वारकरी हर साल आषाढ़ी वारी के लिए पंढरपुर जाते हैं, लेकिन पिछले साल से, राज्य सरकार ने कोरोना के खतरे और लाखों वारकरियों के स्वास्थ्य का हवाला देते हुए इस पर प्रतिबंध लगा दिया है। पिछले साल कुछ गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति में वारी समारोह मनाकर परंपरा को नहीं तोड़ा गया था। वारी में न केवल वारकरी बल्कि बड़ी संख्या में भक्त भी शामिल होते हैं। इसलिए इस वर्ष भी राज्य सरकार वारकरियों के हितों को ध्यान में रखते हुए निर्णय लेगी।

उन्होंने कहा कि भाजपा का आग्रह वारकरियों के साथ-साथ स्थानीय लोगों के स्वास्थ्य को खतरे में डालने का दिख रहा है। इन्हीं लोगों ने ‘मंदिर खोलने’ के लिए राज्य में आंदोलन कर शांति भंग करने का काम किया था। सभी ने देखा है कि कुंभ मेले की अनुमति देकर हजारों लोगों का स्वास्थ्य खतरे में डाला गया है। महाराष्ट्र में भी यही खेल रचने की योजना हो रही है और अगर ऐसे समय में कोरोना हुआ तो यही लोग सरकार को ग़लत बोल उन्हें नीचा दिखाने खड़े हो जाएगे।
इस दौरान योगी, साध्वी, बाबा और स्वामी जैसे विशेषण हिंदू धर्म में अत्यधिक पूजनीय हैं। ये वे लोग हैं जो प्रेम, काम, क्रोध, लोभ और घृणा से मुक्त होकर समाज को अध्यात्म की ओर ले जाते हैं। भाजपा और संघ ने ऐसे विशेषणों का इस्तेमाल करने वाले फर्जी लोगों को पोस्ट देकर हिंदू धर्म का अपमान किया है। तथाकथित भाजपा आध्यात्मिक मोर्चा के रूप में, भाजपा ने सत्ता की राजनीति के लिए हिंदू धर्म को विकृत करने और आध्यात्मिकता के व्यक्तिगत पथ और आध्यात्मिकता की पवित्र अवधारणा को बदनाम करने का पाप किया है।