भिवंडी को आग में झोंकने के लिए मनपा प्रशासन उतारू, अग्निशामक विभाग के 153 में से 84 पद खाली

मुनीर अहमद मोमिन
भिवंडी.
लगता है राज्य सरकार और भिवंडी मनपा प्रशासन (Bhiwandi Municipal Administration) दोनों मिलकर पूरे भिवंडी शहर को आग में झोंकने पर उतारू हैं। क्योंकि यहां अग्निशामक विभाग के 153 में से 84 पद खाली हैं। और तो और डेढ़ दशक से भी ज्यादा समय से यहां अग्निशामक अधिकारी, उप अग्निशामक अधिकारी, स्टेशन आफिसर, फायर इंस्पेक्टर और फायर सब इंस्पेक्टर के पद पर एक भी व्यक्ति कार्यरत नहीं है। बता दें कि दिनों-दिन बढ़ती आगजनी की घटनाओं सहित प्रति वर्ष करोड़ों रूपए की धनहानि और जन हानि के बावजूद विगत एक दशक से फायर ब्रिगेड जैसे अति महत्वपूर्ण विभाग में आधे से अधिक पद खाली रहना ये दर्शाने के लिए काफी है कि राज्य सरकार और भिवंडी मनपा प्रशासन किस तरह पूरे शहर को आग में झोंकने पर आमादा है। मजे की बात तो यह है कि पिछले 13 वर्षों से डीएन सालवी को प्रभारी अधिकारी बनाकर काम चलाया जा रहा था। जो 1984 में फायरमैन पद पर भर्ती हुए थे। लेकिन नवंबर 2019 में उनके रिटायर होने के बाद अब राजेश पवार को प्रभारी बनाकर काम चलाया जा रहा है। ये भी फायरमैन ही हैं।
मालूम हो कि भिवंडी मनपा के लिए अग्निशामक वभाग में कुल 153 पद मंजूर हैं। जिसमें 69 पद पर ही कर्मचारी कार्यरत हैं और 84 पद खाली पड़े हैं। जबकि सरकारी नियमानुसार फायर ब्रिगेड जैसे अत्यावश्यक और आपातकालीन सेवा वाले विभाग के पद पर प्रशिक्षित पूर्णकालिक अधिकारी और कर्मचारी की नियुक्ति होनी चाहिए। वर्तमान समय में अग्निशामक विभाग में 1 सब स्टेशन आफिसर, 8 ड्राईवर और आपरेटर, 8 वाचरूम आपरेटर, 1 लीडिंग फायरमैन और 51 फायरमैन ही कार्यरत हैं। इस तरह 1 अग्निशामक अधिकारी, 3 उप अग्निशामक अधिकारी, 1 फायर इंस्पेक्टर, 1 अतिरिक्त फायर इंस्पेक्टर, 1 स्टेशन आफिसर, 1 सब स्टेशन आफिसर, 8 ड्राईवर/आपरेटर, 5 वाचरूम आपरेटर, 14 लीडिंग फायरमैन और 49 फायरमैन सहित कुल 84 पद खाली पड़े हैं।


उल्लेखनीय है कि 26 वर्ग किमी क्षेत्रफल वाले बिजली करघा नगरी भिवंडी में लाखों की संख्या में पावरलूम, साइजिंग, कपड़ा डाईंग, यार्न डाइंग, प्लास्टिक और मोती कारखाने, जींस वाशिंग डाईंग, दुकानें, इमारतें और 32 झोपड़पट्टीयां हैं। इसके अलावा शहर से सटे ग्रामीण क्षेत्रों में हजारों की संख्या में गोदाम सहित औद्योगिक क्षेत्र होने के नाते पास पड़ोस के इलाकों में हजारों की संख्या में छोटे बड़े उद्योग लगे हैं। भिवंडी शहर व ग्रामीण क्षेत्र में विभिन्न तरह के कारखाने व गोदाम का तेजी से विकास होने के कारण भिवंडी की जनसंख्या में दिनों दिन तेजी से वृद्धि हो रही है। आए दिन आग लगने की छोटी व बड़ी घटनाएं होते रहने से लोगों के जान-माल का नुकसान भी होता रहा है। क्योंकि आग बुझाने के लिए भिवंडी फायरब्रिगेड के पास पर्याप्त संसाधन नहीं है। जिसके कारण हर छोटे-बड़े अग्निकांड में ठाणे, कल्याण, उल्हासनगर और अंबरनाथ आदि से दमकल मंगाना पड़ता है।
मनपा के एक अधिकारी ने ‘इंडिया ग्राउंड रिपोर्ट’ को बताया कि 14 नवंबर 2018 को पत्र संख्या 4475 द्वारा राज्य सरकार से सुधारित पद संख्या, वृद्धि और संरचना सहित नियुक्ति की मान्यता मांगी गई थी। जिसे आज तक सरकार ने नहीं दिया है। नगरपालिका से महानगरपालिका बनने के 20 साल बीतने के बावजूद अग्निशामक कर्मियों की संख्या में वृद्धि को कौन कहे पहले से मंजूर पदों के मुताबिक ही नियुक्ति तक नहीं की गई। समाज सेवक सिकंदर नदाफ और शब्बीर पाईपवाला के मुताबिक़ राज्य सरकार सहित मनपा प्रशासन इतने बड़े महत्व पूर्ण विभाग को गंभीरता से नहीं ले रहा है। इस विभाग में फायर ब्रिगेड की गाड़ियों को बढ़ाने के साथ-साथ एक सक्षम व प्रशिक्षित पूर्णकालिक अधिकारी की नियुक्ति करना आवश्यक है। लेकिन इस मामले में मनपा प्रशासन द्वारा टालमटोल करना आश्चर्यजनक है।