अश्विनी वैष्णव ने ट्रेन के इंजन में सफर कर समझी बारीकियां, वाडनगर रेल सेक्शन का जायजा भी लिया

Mumbai. रेल मंत्री बनने के बाद से ही अश्विनी वैष्णव एक्शन (Ashwini Vaishnav) में हैं। सबसे पहले उन्होंने मंत्रालय में काम करने का समय दो शिफ्टों में किया। उसके बाद शुक्रवार को उन्होंने गुजरात में वाडनगर रेल खंड का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने लोकोमोटिव पायलट के साथ रेल की बारीकियों को समझा और समस्याओं को भी जाना। साथ ही ट्रेनों के संचालन को लेकर भी जानकारी ली। अश्विनी वैष्णव (Ashwini Vaishnav) को प्रबंधन का अच्छा खासा तजुर्बा है। 94 बैच के IAS अधिकारी अश्विनी वैष्णव (Ashwini Vaishnav) रेलवे की कमाई बढ़ाने के लिए भी कई कदम उठाने पर विचार-विमर्श कर रहे हैं।

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अश्विनी वैष्णव (Ashwini Vaishnav) ने IAS अधिकारी रहते हुए कई शानदार काम किए थे, जिसमें से एक ओडिशा के बालासोर में आए समुद्री तूफान के दौरान राहत पहुंचाना भी शामिल था। वैष्णव यहीं से चर्चा में आए थे। इसके बाद उन्हें अटल बिहारी वाजपेयी के प्रधानमंत्री काल में PMO में डिप्टी सेक्रेटरी बनाया गया था। तब से ही वे PM मोदी के संपर्क में रहे हैं।

अश्विनी वैष्णव (Ashwini Vaishnav) मूल रूप से राजस्थान के जोधपुर के रहने वाले हैं। साल 1994 बैच के IAS अधिकारी वैष्णव को सबसे पहले बालासोर का DM बनाया गया था। अश्विनी नवीन पटनायक के पसंदीदा अधिकारियों में से एक थे। इसलिए CM बनने पर पटनायक ने उन्हें ओडिशा के महत्वपूर्ण शहर कटक का DM बनाया। यहां उन्होंने कानून व्यवस्था को दुरुस्त करने के साथ कई अहम कदम उठाए। सार्वजनिक-निजी भागीदारी ढांचे में उनका योगदान बुहत महत्वपूर्ण था। वैष्णव ने जनरल इलेक्ट्रिकल और सीमेंस जैसी प्रमुख वैश्विक कंपनियों में भी नेतृत्व की भूमिका निभाई है।