रिक्शा चालकों को मिलने वाले सानुग्रह अनुदान के आड़े आ रहा आधार कार्ड

Thane. राज्य सरकार ने तालाबंदी के दौरान परमिटधारी रिक्शा चालकों के लिए सानुग्रह अनुदान की घोषणा की। हालांकि इसमें आधार कार्ड तकनीकी समस्या बनकर सामने आ रहा है। ठाणे में 84,000 परमिटधारियों में से 17,000 रिक्शा चालकों ने अनुदान के लिए ऑनलाइन आवेदन किया है। ठाणे में क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ) ने दो स्थानों पर अस्थायी विशेष आधार केंद्र स्थापित किए हैं, ताकि लॉकडॉऊन के दौरान परमिटधारी रिक्शा चालकों को सरकार द्वारा घोषित सहायता राशि मिल सके। हालांकि रिक्शा चालकों को डेढ़ हजार रुपए की सहायता राशि प्राप्त करने के लिए कड़ी मेहनत करनी पड़ रही है। इनमें आधार कार्ड सबसे बड़ी समस्या बनकर सामने आ रही है। बताया गया है कि आधार कार्ड में नाम या मोबाइल नंबर जोड़ना एक बड़ी समस्या है। मायके और ससुराल के नाम में कोई आधिकारिक बदलाव नहीं होने से कुछ महिला रिक्शा चालकों को भी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। कुछ के पास बैंक खाता भी नहीं है। कुछ रिक्शा चालकों के संगठनों ने जिलाधिकारी राजेश नार्वेकर से मांग की थी कि जिन्हें आधार कार्ड के कारण अनुदान प्राप्त करने में कठिनाई हो रही है, उनके लिए ठाणे आरटीओ कार्यालय में आधार केंद्र की अनुमति दी जानी चाहिए। इस मांग को सकारात्मक मानते हुए जिलाधिकारी ने तीन जून से ठाणे, कल्याण और नवी मुंबई में क्षेत्रीय परिवहन विभाग के उप-क्षेत्रीय कार्यालयों में अस्थायी आधार केंद्र कार्यान्वित किया है। ये आधार केंद्र ठाणे में जिला जेल के सामने और साथ ही एलआईसी कार्यालय के पास आरटीओ कार्यालय के परिसर में रिक्शा चालकों के लिए शुरू किए गए हैं। उप-क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी विश्वंभर शिंदे ने बताया कि अब रिक्शा चालकों के लिए इन केंद्रों पर आधार कार्ड बनवाना और इसके माध्यम से सब्सिडी प्राप्त करना आसान हो जाएगा। ठाणे विभाग के तहत 84,000 रिक्शा आधिकारिक रूप से पंजीकृत हैं। अब तक 17,000 ड्राइवरों ने अनुदान के लिए ऑनलाइन आवेदन किया है। अन्य लोग भी उपयुक्त दस्तावेज संलग्न कर इस अनुदान के लिए आवेदन करें। आरटीओ ने उन लोगों से भी अपील की है कि जिन्हें आधार कार्ड की समस्या है, वे ठाणे आरटीओ कार्यालय परिसर में आधार केंद्र से इसे निकलवा लें।