ठाणे जिले के एक गांव ने पेश की मिसाल,अब तक कोई कोरोना मरीज नहीं

आईजीआर संवाददाता

ठाणे. शहापुर तालुका के कलभोंडे गांव के नागरिकों ने कोरोना को गांव में प्रवेश ही नहीं करने दिया है। जिला परिषद द्वारा किए गए उपायों पर ग्राम पंचायत, स्थानीय जनप्रतिनिधियों और नागरिकों ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी। शुरू से ही सतर्कता का नतीजा है कि इस गांव में अभी तक कोरोना का एक भी मरीज मिलने की सूचना जिला स्वास्थ्य विभाग को नहीं मिली है।
ठाणे और नासिक जिले की सीमा पर स्थित शहापुर तालुका के कालभोंडे गांव में 198 आदिवासी परिवार है, जबकि इस गांव में कुल आबादी 1002 लोगों की है। गांव के 95 प्रतिशत परिवार खुद के अथवा इगतपुरी व जुन्नार क्षेत्र में स्थित खेतों में काम करते हैं। जब सरकार ने मार्च 2020 में तालाबंदी की घोषणा की थी, तो दूसरे गांव में रहने वाले मजदूर उसी गांव में रुक गए। इसके अलावा दूसरे गांवों से आने वालों को 14 दिन तक गांव की सीमा पर ही आइसोलेट किया जा रहा था। अलगाव की अवधि समाप्त होने के बाद ही उन्हें गांव में प्रवेश करने दिया गया था। इस नियम का अभी भी सख्ती से पालन किया जा रहा है। ग्राम पंचायत ने तत्काल कोरोना को लेकर जागरूकता फैलाना शुरू किया। ग्रामीणों को एहतियाती उपायों की जानकारी देते हुए ग्राम पंचायत द्वारा गांव में बार-बार दवाइयों का छिड़काव किया गया। मास्क और सेनेटाइजर का वितरण भी किया गया। आरोग्य सेवक, आंगनबाडी सेविका, आशा सेविका द्वारा स्वास्थ्य सर्वेक्षण किया गया।

सुरक्षित आचरण से नियमों का पालन
बताया गया कि यह खेतिहर मजदूरों का गांव है। कुछ सामाजिक संगठनों और खाद्य वितरण समितियों के माध्यम से खाद्य पदार्थों और जीवनावश्यक वस्तूओं का वितरण किया जा रहा है, ताकि ग्रामीणों को भुखमरी का सामना न करना पड़े, लेकिन इन गतिविधियों को करते समय सभी नियमों का पालन किया जाता है। सरपंच देवकी गिरा का कहना है कि सब्जियों के लिए भी वह गांव से बाहर जाए बिना फलियां और घर में उगाई जाने वाली सब्जियां खाना पसंद करते हैं। कई परिवार खेतिहर मजदूर हैं और शहरी क्षेत्रों में जाने वालों की संख्या कम है। प्रशांत मरके का कहना है कि अभिनव उपायों से कोरोना की घुसपैठ को रोकने में सफलता मिली है।

स्वास्थ्यकर्मियों की मेहनत
ठाणे जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. भाऊसाहेब डांगड़े के मार्गदर्शन में जिला परिषद ने गांव को कोरोना मुक्त बनाने के लिए शीघ्र परीक्षण, निरीक्षण, सर्वेक्षण और कोरोना के टीकाकरण पर जोर दिया है। ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य विभाग, ग्राम पंचायत विभाग, शिक्षा एवं महिला एवं बाल विकास विभाग के कर्मचारी दिन रात काम कर रहे हैं। ग्राम पंचायत के उप मुख्य कार्यपालन अधिकारी चंद्रकांत पवार ने विश्वास जताया कि सभी के संयुक्त प्रयास से गांव कर मुक्त होंगे।