मई में औंधे मुंह गिरा वाहन बाजार, खुदरा बिक्री में 55 फीसद की जोरदार गिरावट

New Delhi. घरेलू मांग में आई कमजोरी के कारण देश में मई के महीने में वाहनों की बिक्री में जोरदार गिरावट दर्ज की गई है। मासिक आधार पर मई 2021 में वाहनों की बिक्री में 54.79 फीसदी की कमी आई है‌। वहीं मई 2019 की तुलना में ये कमी 70.69 फीसदी की है। 

फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन (एफएडीए) की ओर से जारी मंथली व्हेकिल रिटेल डाटा में बताया गया है कि मई 2020 में देशभर में पूर्ण लॉकडाउन होने की वजह से वाहनों की खुदरा बिक्री हुई ही नहीं थी। इसलिए वाहनों की खुदरा बिक्री के आंकड़ों की तुलना सालाना आधार पर नहीं की गई है, बल्कि इसके लिए मई 2019 में हुई वाहनों की खुदरा बिक्री के आंकड़ों और अप्रैल 2021 में हुई वाहनों की खुदरा बिक्री के आंकड़ों का सहारा लिया गया है। 

फेडरेशन द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक मई 2021 में देश भर में कुल 5,35,855 वाहनों की बिक्री हुई। वहीं 2 साल पहले मई 2019 में कुल 18,22,566 वाहनों की बिक्री हुई थी। इसी तरह इस साल 2021 के अप्रैल के महीने में कुल 11,85,374 वाहनों की बिक्री की गई। इन दोनों आंकड़ों को आधार बनाकर ही फेडरेशन ने मई 2021 में वाहनों की खुदरा बिक्री में आई गिरावट की गणना की है। 

इन आंकड़ों के अनुसार मई 2021 में बिके वाहनों में मासिक आधार पर दोपहिया वाहनों की बिक्री में 53 फीसदी, तीन पहिया वाहनों की बिक्री में 76 फीसदी, व्यक्तिगत चार पहिया वाहनों की बिक्री में 59 फीसदी, ट्रैक्टर की बिक्री में 57 फीसदी और कॉमर्शियल वाहनों की बिक्री में 66 फीसदी के कमी दर्ज की गई। मई के महीने में कुल 4,10,757 दोपहिया वाहनों की बिक्री हुई। इसी तरह इस महीने कुल 5,215 तीन पहिया वाहनों की बिक्री हुई। व्यक्तिगत चार पहिया वाहनों की बिक्री का आंकड़ा 85,733 का रहा। इसी तरह मई महीने में देशभर में कुल 16,616 ट्रैक्टर्स की बिक्री हुई। जबकि कमर्शियल वाहनों की बिक्री का आंकड़ा कुल 17,534 यूनिट्स का रहा। 

एफएडीए ने मई 2021 में वाहनों की बिक्री में आई जबरदस्त गिरावट की वजह देशभर के कई राज्यों में कोरोना संक्रमण के कारण लागू पाबंदियों और देश की बड़ी आबादी के बीच कोरोना को लेकर फैले डर के माहौल को बताया है। फेडरेशन की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि जिन राज्यों में कोरोना पर रोकथाम के लिए लॉकडाउन या कोरोना कर्फ्यू का सहारा लिया गया, वहां वाहनों की खुदरा बिक्री पूरी तरह से बंद रही लेकिन जिन राज्यों में सख्त पाबंदियां नहीं थी, वहां भी लोग संक्रमण होने के डर से वाहनों की खरीद को टालते रहे। इसकी वजह से वाहनों की खुदरा बिक्री पर काफी असर पड़ा। 

हालांकि ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन जून के शुरुआती दिनों में वाहनों की खुदरा बिक्री के आंकड़ों को लेकर काफी उत्साहित नजर आता है। एसोसिएशन की ओर से कहा गया है कि जून महीने के शुरुआती 9 दिनों में वाहनों की खुदरा बिक्री में तेजी का रुख बना है। ये तेजी इस बात का भी संकेत दे रही है कि अगर हालात में कोई बड़ा परिवर्तन नहीं हुआ तो जून के महीना में वाहनों की खुदरा बिक्री पुराने स्तर पर पहुंच जाएगी। 

डीलर एसोसिएशन का मानना है कि देश के ग्रामीण क्षेत्रों में कोरोना संक्रमण का दौर अभी भी पूरी तरह से थमा नहीं है। इसकी वजह से ग्रामीण इलाकों से वाहनों की मांग अभी भी ढंग से नहीं निकल रही है लेकिन एक बार ग्रामीण इलाकों के पोस्ट कोरोना इफेक्ट से बाहर निकल जाने के बाद घरेलू मांग में और तेजी आएगी, जिससे वाहनों की खुदरा बिक्री में उछाल आ सकता है। फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन मानसून के सामान्य या सामान्य से बेहतर रहने के अनुमानों को लेकर भी काफी उत्साहित है। बयान में कहा गया है कि अगर मानसून अच्छा रहा, तो इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी। ऐसा होने पर उसका कुछ सकारात्मक असर वाहनों की खुदरा बिक्री पर भी पड़ेगा।