कोरोना के इलाज के उपकरणों पर 5% जीएसटी की सिफारिश

New Delhi. कोरोना जैसी जानलेवा बीमारी के इलाज में काम आने वाले सामानों और उपकरणों पर जीएसटी की दर में कटौती (reduce the rate of GST) कर उसे अधिकतम 5 फीसदी के दायरे में लाने की सिफारिश की गई है। ये सिफारिश जीएसटी काउंसिल द्वारा गठित अलग-अलग राज्यों के आठ मंत्रियों के समूह ने की है।  मंत्रियों के समूह ने अपनी सिफारिश में साफ किया है कि(The Group of Ministers has made it clear in its recommendation) कोरोना के रोकथाम के काम में इस्तेमाल होने वाले सामानों और उपकरणों पर जीएसटी की दरें घटाई जानी चाहिए। इस समूह ने कोरोना के इलाज में काम आने वाले अधिकांश सामानों पर 5 फीसदी की दर से जीएसटी लगाने की सलाह दी है। इस समूह ने कोरोना के रोकथाम के लिए इस्तेमाल होने वाली वैक्सीन पर लगाई जाने वाली जीएसटी की दर तय करने का काम जीएसटी काउंसिल पर छोड़ दिया है। 
बताया जा रहा है कि इस मंत्री समूह ने कोरोना संक्रमण के रोकथाम के लिए काम आने वाली जिन सामग्रियों और उपकरणों पर जीएसटी की दर कम करने की सिफारिश की है, उनमें कोरोना की टेस्टिंग किट, मेडिकल ग्रेड ऑक्सीजन, पल्स ऑक्सीमीटर और ऑक्सीजन कंसंट्रेटर शामिल है। 


मेघालय के मुख्यमंत्री कोनराड संगमा की अध्यक्षता वाले मंत्रियों के समूह में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार, गुजरात के उपमुख्यमंत्री नितिन भाई पटेल, केरल के वित्त मंत्री केएन बालागोपाल, उत्तर प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना, तेलंगाना के वित्त मंत्री हरीश राव, उड़ीसा के वित्त मंत्री निरंजन पुजारी और गोवा के परिवहन एवं पंचायती राज मंत्री मुवीन गोडिन्हो को शामिल किया गया था। मंत्रियों के समूह ने ब्लैक फंगस के इलाज के लिए इस्तेमाल की जा रही दवा को भी टैक्स से छूट देने प्रस्ताव किया है। 

( ये भी पढ़े- पेट्रोल-डीजल के दाम में फिर इजाफा )
गौरतलब है कि 28 मई को हुई जीएसटी काउंसिल की बैठक में पहले ही ब्लैक फंगस के उपचार के लिए इस्तेमाल की जा रही दवा को इंपोर्ट ड्यूटी से मुक्त करने की घोषणा की गई थी। जीएसटी काउंसिल की बैठक में ही कोरोना के इलाज में काम आने वाले मेडिकल उपकरणों और कोरोना की वैक्सीन पर जीएसटी की दर पर विचार करने के लिए मंत्रियों के समूह का गठन किया गया था। इस समूह को 8 जून यानी आज तक अपनी रिपोर्ट देने के लिए कहा गया था। माना जा रहा है कि मंत्री समूह के सुझावों पर विचार करने के लिए आने वाले दिनों में जल्दी ही जीएसटी काउंसिल की बैठक बुलाई जा सकती है।