220 बीएमसी कर्मचारियों की महामारी के कारण मौत, केवल 96 पीड़ितों के रिश्तेदारों को बीमा कवर

आईजीआर संवाददाता
मुंबई.
कोरोना संक्रमण काल में मुंबई मनपा के कई फ़्रंटलाइन कर्मचारी इस महामारी में अपना फ़र्ज़ निभाते हुए जान गवा बैठे हैं। इनमें सफाई विभाग, स्वास्थ्य विभाग, सड़क विभाग आदि विभाग के कर्मचारी हैं। कुल 220 कर्मचारियों का दुःखद निधन हुआ है। जिनमें से केवल 96 कर्मचारियों के परिवार को 50 लाख रूपये का बीमा कवर प्राप्त हुआ है। हालांकि, मनपा के श्रम अधिकारी ने कहा कि शेष मृतक को बीमा कवर उपलब्ध कराने की प्रक्रिया चल रही है। मनपा आयुक्त ने बीच में 100% कर्मचारियों की उपस्थिति का आदेश जारी किया था। हालांकि, जब कोरोना के मामले बढ़े तो सेवा में लगे कर्मचारियों और अधिकारियों को अनजाने में ही महामारी का संक्रमण हुआ और कई लोगों की इलाज के दौरान ही मौत हुई।
बीमा कवर को लेकर लोग असमंजस में है। ड्यूटी पर मौजूद अस्पताल के स्टाफ की कोरोना से मौत होने पर उनके वारिसों को 50 लाख रुपये का बीमा कवर दिया जाएगा। इसलिए, यह संदेह है कि क्या किसी अन्य विभाग के कर्मचारी के परिवार को 50 लाख रुपये का बीमा कवर दिया जाएगा यदि उसकी ड्यूटी के दौरान कोरोना के कारण मृत्यु हो जाती है। इस मामले में भ्रम है। मनपा के जिन 220 कर्मचारियों की कोरोना से मौत हुई उनमें से 147 मामले केंद्र सरकार को रेफर किए गए। इनमें से केवल 19 मामलों को केंद्र ने मंजूरी दी थी। श्रम विभाग ने यह भी जानकारी दी है कि 128 मामले खारिज हो चुके हैं। उन्होंने यह भी बताया कि उन 128 मामलों में 77 मृत श्रमिकों के वारिसों को बीमा कवर दिया गया है।